खेतों में फसल अवशेष जलाने पर लगाया पूर्ण प्रतिबंध- धीरेंद्र खडग़टा

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 City24news@अनिल मोहनियां

नूंह | जिलाधीश धीरेंद्र खडग़टा ने दंड प्रक्रिया नियमावली 1973 की धारा-144 के अंतर्गत आदेश पारित कर जिला नूंह में गेहंू व अन्य फसलों की कटाई के बाद खेत में बचे फसल अवशेष जलाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया है।  

 जिलाधीश ने धारा-144 के आदेश प्रभावी करते बताया कि जिला में गेहंू व अन्य फसलों की कटाई का कार्य प्रारंभ हो चुका है। कई किसान कटाई के बाद फसल अवशेष अथवा पराली को जला देते हैं, जिससे उत्पन्न धुंआ आसमान में चारों ओर फैल जाता है, जोकि वातावरण को प्रदूषित करने के साथ-साथ सभी प्राणीमात्र के स्वास्थ पर बहुत बुरा प्रभाव डालता है। इस प्रकार की घटनाओं के कारण संपत्ति तथा मानव जीवन को नुकसान होने की भी संभावना बनी रहती है। इसे ध्यान में रखते हुए जिलाधीश ने जिला में फसल अवशेष जलाने पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं। 

 उन्होंने आदेशों में कहा है कि फसल की कटाई के बाद शेष बचे फसल अवशेषों को जलाने से जिला में पशुओं के चारे की कमी होने की संभावना बनी रहती है तथा इन अवशेषों को जलाने से भूमि के मित्र कीट भी मर जाते हैं, जिससे भूमि की उर्वरक भूमि की उर्वरक शक्ति कम होने से फसल की पैदावार पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है। इन आदेशों की अवहेलना करने पर दोषी व्यक्ति के विरुद्ध आईपीसी की धारा-188 व संपठित वायु प्रदूषण बचाव एवं प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम 1981 के तहत कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

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