13 मई के दिन शुरू हुआ था संसद का पहला सत्र

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City24News@ भावना कौशिश
नई दिल्ली । 13 मई 1952  एक महत्वपूर्ण दिन था जब स्वतंत्र भारत का पहला संसद सत्र आयोजित हुआ। इस दिन देश के पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने नवगठित सरकार को शुभकामनाएं दीं और देश के मुख्य मुद्दों पर चर्चा की। भव्य संसद भवन में देशभर से चुने गए 489 सांसदों ने शपथ ग्रहण किया, जिसमें उन्होंने संविधान की रक्षा करने और भारत के लोगों की सेवा करने का वचन लिया। जी. वी. मावलंकर को सर्वसम्मति से पहले अध्यक्ष के रूप में चुना गया। इस दिन का महत्व इसी में है कि यह भारतीय लोकतंत्र की नींव मजबूत करने और देश के नागरिकों की आकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।

इस सत्र में पारित किए गए कानूनों ने भारत के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक विकास को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लोकसभा के पहले सत्र का वर्णन करना कठिन है क्योंकि यह घटना भारत के लोकतंत्र के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय का प्रतिनिधित्व करती है। यह निश्चित रूप से कहा जा सकता है कि 13 मई 1952 का दिन भारत के इतिहास में एक स्वर्णिम दिन था, जिसने देश के भविष्य की दिशा को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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