चुनाव आचार संहिता के बीच नपा प्रशासन की नजरे सरकारी राशि के दुरूपयोग पर टिकी

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अटेली मोड से रेवाडी मोड टी-प्वाईंट तक प्रस्तावित फोरलेन स्टेट हाईवे के नजदीक आनन-फानन में लगाई जा रही लाईटें
इस मार्ग के दोनों ओर बनाऐ जा रहे नाले का निर्माण कार्य पडा बंद
मॉनसून के समय बन सकती जल भराव की समस्या

City24news/सुनील दीक्षित
कनीना | में अटेली मोड से लेकर रेवाडी मोड टी-प्वाईंट तक नगर पालिका प्रशासन द्वारा सडक के साथ-साथ लाइटें लगाए जाने को लेकर विरोध के स्वर बुलंद होने लगे हैं। प्रबुधजनों ने कहा कि इस सडक को फोरलेन बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार की ओर से कार्य प्रोसेस में है,हलका विधायक सीताराम यादव की ओर इसे विधानसभा में भी उठाया गया था। उसके बाद लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों ने भू-राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर सडक की पैमाईश भी की थी। फोरलेन सडक निर्माण की दिशा में औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। जबकि दूसरी ओर नगर पालिका प्रशासन चुनाव आचार संहिता के मध्य सरकारी बजट को खुर्द-बुर्द करने की फिराक में है। महेंद्रगढ-कनीना-कोसली स्टेट हाईवे नम्बर 24 पर कनीना नपा परिधि के अंतर्गत लाईटें लगाने के लिए फाउंडेशन तैयार कर दिए गए हैं। जिन्हें लेकर प्रबुधजनों ने ऐतराज जताया है। उनका मानना है कि सडक से महज दो-ढाई फुट की दूरी पर लगाई जा रही ये लाईटें रात्री के समय भले ही रंगबिरंगी रोशनी दें लेकिन दिन के समय सडक हादसों का कारण भी बनेगीं। रोड सेफ्टि की दिशा में इन्हें सही नहीं ठहराया जा रहा। उन्होंने कहा कि सडक फोरलेन बनने के बाद बीच में बनने वाले डिवाईडर पर लाईटें लगाई जाएं। जिससे वे व्यवस्थित तथा टिकाऊ रह सकती हैं। नगरपालिका का कार्यकाल पूरा होने के बाद नपा की बागडोर एसडीएम कनीना के हाथों में है। उनकी ओर से इस सडक के दोनों ओर कराये जा रहे नाले के निर्माण को रोक दिया गया है जबकि दो माह बाद मानसून आने वाली है। नाले का अधूरा कार्य होने से बरसाती पानी के सडक पर खडा होने की संभावना बनती जा रही है। नगरपालिका प्रशासन की ओर एक कार्य पूरा किए बिना दूसरा कार्य शुरू किया जा रहा है। जिससे सरकार की ओर से जारी कि गए बजट को खुर्दबुर्द करने के संकेत मिल रहे हैं। नाले का कार्य बंद करने के बाद शुरू किए गए लाईट लगाने के कार्य से लगता है कि हाल ही उन्हाणी के समीप घटित सडक दुर्घटना में मारे गए 6 मासूम विद्यार्थियों की चिता की राख अभी ठंडा भी नहीं हुई है कि नगरपालिका प्रशासन लाईट के बहाने सडक हादसों को बढावा देने की दिशा में एक ओर कदम उठा रहा है। जिला एवं नगरपालिका प्रशासन को सडक हादसों पर विराम लगाने की दिशा में कार्य करने चाहिएं। शौचालय निर्माण को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। बस स्टैंड परिसर में शौचालय निर्माण कार्य पिछले दो दिन से बंद पडा है।
इस बारे में भाजपा के मंडल प्रधान अतर सिंह ने कहा कि सडक के चारमार्गी होने पर बीच में बनने वाले डिवाईडर पर लाईटें लगाई जाएं जिससे सरकारी बजट का सदुपयोग हो ओर लगाई गई लाईटें भी सुंदर व सुरक्षित रह सकें। ऐसा करने से सडक हादसों से भी बचा जा सकेगा। नगरपालिका प्रशासन द्वारा जल्दबाजी में सरकारी राशि पर लीपापोती से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि मानसून से पहले ड्रेनेज सिस्टम को दुरूस्त किया जाना चाहिए जिससे बरसात के समय जलभराव की स्थिति का सामना न करना पडे। शौचालय का निर्माण कार्य भी व्यवस्थित ढंग से करवाया जाना चाहिए।
प्रदेश व्यापार प्रकोष्ठ सद्स्य मनीष गुप्ता ने बताया कि नगरपालिका प्रशासन द्वारा सरकारी राशि का दुरूपयोग किया जा रहा है। सडक किनारे लगाई जा रही लाईटों के अलावा नपा की ओर से बस स्टैंड परिसर,मोलडनाथ आश्रम के समीप,अस्पताल के समीप सहित दो अन्य सहित पांच साईटों पर करीब 45 लाख रूपये की लागत से टॉयलेट बनाए जा रहे हैं। इससे पूर्व तत्कालीन एसडीएम संदीप सिंह की ओर से लाखों रूपये की लागत से ई-टॉयलेट स्थापित करवाए थे जो यूजलेस बने हुए हैं। ठेकेदार की मिलीभगत से सरकारी राशि को खुर्द-बुर्द किया जा रहा है।
वर्सन सचिव नगरपालिका
इस बारे में नगरपालिका सचिव समयपाल सिंह ने बताया कि सडक मार्ग के नजदीक लाईटें लगाने को लेकर लोकनिर्माण विभाग से एनओसी ली गई है। एनओसी मिलने के बाद लाईटें लगाने का कार्य शुरू किया गया है। फोरलेन सडक मार्ग बनाया जाता तो विभाग एनओसी जारी नहीं करता।

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