बोर्ड परीक्षा में शेष दो महीने सफलता की कुंजी, पूरे मन से करें तैयारी
-राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल नगीना में एनएसएस शिविर के चौथे दिन योग,
-नैतिक शिक्षा, डिजिटल लिटरेसी और खेल गतिविधियों का आयोजन
City24News/सुनील दीक्षित
नूंह | राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल-2 नगीना में चल रहे सात दिवसीय एनएसएस शिविर के चौथे दिन शैक्षणिक, सांस्कृतिक और खेल गतिविधियां संपन्न हुई। शुरुआत स्वयंसेवकों द्वारा योग और शारीरिक अभ्यास से की गई, जिससे विद्यार्थियों में अनुशासन, एकाग्रता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता देखने को मिली। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजूद्दीन ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ खेल और सामाजिक सहभागिता जीवन को संतुलित बनाती है। उन्होंने बताया कि एसएस शिविर विद्यार्थियों में सेवा भावना, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करता है। राजूद्दीन ने विशेष रूप से बोर्ड परीक्षा की तैयारी पर जोर देते हुए कहा कि अब केवल दो महीने का समय बचा है, ऐसे में लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करना अत्यंत आवश्यक है। नियमित अध्ययन, समय प्रबंधन और आत्मविश्वास ही सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। एनएसएस अधिकारी नरेश कुमार ने डिजिटल लिटरेसी विषय पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि तकनीकी ज्ञान आज के समय में अनिवार्य हो गया है। डिजिटल माध्यमों का सही उपयोग भविष्य में शिक्षा और करियर दोनों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। विज्ञान अध्यापक महेश कुमार सक्सेना ने विद्यार्थियों को नैतिक मूल्यों का महत्व समझाते हुए जीवन में ईमानदारी, संयम और कर्तव्यनिष्ठा अपनाने के लिए प्रेरित किया। विज्ञान अध्यापिका शिखा मंगला के मार्गदर्शन में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पोस्टर मेकिंग गतिविधि में एनएसएस स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सायंकालीन सत्र में रजमल खान व अहमद खान द्वारा क्रिकेट और वॉलीबॉल खेल प्रतियोगिताएं करवाई गईं, जिनमें विद्यार्थियों ने खेल भावना और टीमवर्क का परिचय दिया। इस अवसर पर अध्यापकों की गरिमापूर्ण उपस्थिति रही।
-नैतिक शिक्षा, डिजिटल लिटरेसी और खेल गतिविधियों का आयोजन
City24News/सुनील दीक्षित
नूंह | राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल-2 नगीना में चल रहे सात दिवसीय एनएसएस शिविर के चौथे दिन शैक्षणिक, सांस्कृतिक और खेल गतिविधियां संपन्न हुई। शुरुआत स्वयंसेवकों द्वारा योग और शारीरिक अभ्यास से की गई, जिससे विद्यार्थियों में अनुशासन, एकाग्रता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता देखने को मिली। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजूद्दीन ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ खेल और सामाजिक सहभागिता जीवन को संतुलित बनाती है। उन्होंने बताया कि एसएस शिविर विद्यार्थियों में सेवा भावना, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करता है। राजूद्दीन ने विशेष रूप से बोर्ड परीक्षा की तैयारी पर जोर देते हुए कहा कि अब केवल दो महीने का समय बचा है, ऐसे में लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करना अत्यंत आवश्यक है। नियमित अध्ययन, समय प्रबंधन और आत्मविश्वास ही सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। एनएसएस अधिकारी नरेश कुमार ने डिजिटल लिटरेसी विषय पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि तकनीकी ज्ञान आज के समय में अनिवार्य हो गया है। डिजिटल माध्यमों का सही उपयोग भविष्य में शिक्षा और करियर दोनों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। विज्ञान अध्यापक महेश कुमार सक्सेना ने विद्यार्थियों को नैतिक मूल्यों का महत्व समझाते हुए जीवन में ईमानदारी, संयम और कर्तव्यनिष्ठा अपनाने के लिए प्रेरित किया। विज्ञान अध्यापिका शिखा मंगला के मार्गदर्शन में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पोस्टर मेकिंग गतिविधि में एनएसएस स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सायंकालीन सत्र में रजमल खान व अहमद खान द्वारा क्रिकेट और वॉलीबॉल खेल प्रतियोगिताएं करवाई गईं, जिनमें विद्यार्थियों ने खेल भावना और टीमवर्क का परिचय दिया। इस अवसर पर अध्यापकों की गरिमापूर्ण उपस्थिति रही।
