आज होंगे प्रकट दिन दयाला, यशोमत के हितकारी

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City24news/कविता गौड़
फरीदाबाद। शहर में चारों तरफ श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की धूम मची हुई है। शहर के सभी मंदिरों में कृष्ण जन्माष्टमी की तैयारियां पहले ही शुरू हो गई थी। वहीं कुछ मंदिर ऐसे भी है जिनमें कृष्ण जन्मोत्सव को लेकर कुछ विशेष तैयारियां की गई है। इसके अलावा मंदिरो में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

जन्माष्टमी नही प्रकट्य महोत्सव:

मुनिराज जी ने कृष्ण जन्मोत्सव के बारें मे विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इस दिन को कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव नही प्रकट्य महोत्सव कहा जाता है। उन्होंने बताया कि भगवान कभी जन्म नही लेते है, वे तो अजन्मे और अमर है व पांच विकारो से रहित है। वह दिव्य है। उन्होंने बताया कि कृष्ण प्रकट्य महोत्सव के दिन माता देवकी के सामने रात को 12 बजे भगवान प्रकट हुए तो देवकी जी ने कहा कि प्रभु आप मेरे गर्भ से प्रकट होना, तब माता को लगा कि गर्भ में है। लेकिन वह चार भुजाओं के साथ शिशु रूप में प्रकट हुए। माता देवकी के कहने पर भगवान कृष्ण ने बालक का रूप धारण किया। मुनिराज जी ने बताया कि ब्रज के अंदर कृष्ण प्रकट्य महोत्सव के अवसर पर खीरे के अंदर कृष्ण भगवान की मुर्ति को रखकर रात को 12 बजे उस खीरे को खोलकर उन्हें प्रकट किया जाता है।

भगवान गर्भ से पैदा नहीं होते:
मुनिराज जी का कहना है कि भगवान कभी गर्भ से पैदा नही होते है। क्योकि गर्भ को रोरव नरक की संज्ञा दी जाती है। जिस कारण से ईश्वर गर्भ में नही जाते है। उन्होंने बताया कि एक बार गर्भ ने भगवान से प्रार्थना की थी कि मुझे सब रोरव नरक कहते है तो इस पर भगवान ने उन्हें वरदान दिया था कि कृष्ण जन्मोत्सव के दिन मैं गर्भ से प्रकट होकर तुम्हारी रोरव नरक की संज्ञा से स्वर्ग की संज्ञा मिल जाएगी। उन्होंने बताया कि भगवान देवकी-वासुदेव और उतरा-परीक्षित के पुत्र के रूप में दो बार प्रकट हुए है। देवकी के गर्भ से प्रकट होने के कारण से इस दिन को जन्माष्टमी कहते है।

गोल्डन झूला और टैम्पल:

राधा सर्वेश्वर मंदिर में इस बार पूरे शहर से अलग नजारा देखने को मिलेगा। इसमें भगवान श्री कृष्ण का गोल्डन झुला और गोल्डन टैम्पल के दर्शन कराये जाएगे। मुनिराज जी ने बताया कि इस दौरान कार्यक्रम शाम छह बजे से शुरू हो जाएगा। जिसके बाद रात नौ बजे से 12 बजे तक भजन कीर्तन होगा। 12 बजे भगवान का जलाभिषेक किया जाएगा। इसके बाद महाआरती और प्रसाद वितरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मंदिर की सजावट के लिए और मंदिर में झांकियों के लिए कलाकार वृंदावन से बुलाये गए है।

राम मंदिर की तर्ज पर सजावट:

एनएच पांच स्थित बांके बिहारी मंदिर के प्रधान ललित गोसाई ने बताया कि इस बार श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर मंदिर में श्री राम मंदिर की झलक देखने को मिलेगी। श्री राम और बिहारी जी के सुंदर दर्शन कराये जाऐंगे। उन्होंने बताया कि मंदिर में भजन संध्या का कार्यक्रम लाइव होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता अमित भल्ला करेंगे। कृष्णपाल गुर्जर, मूलचंद शर्मा, सीमा त्रिखा मुख्य रूप से मौजूद होंगे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में उद्योगपति होंगे। मंदिर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का कार्यक्रम रात आठ बजे से शुरू किया जाएगा। 

25 फुट झूला और गुफा:

तिकोना पार्क स्थित वैष्णो देवी मंदिर में इस बार पूजन शाम छह बजे से शुरू हो जाएगा। इसके बाद शाम साढ़े छह बजे से सुंदर झांकियों का शुभारंभ होगा। सुन्दर सुन्दर झकियां, कृष्ण भजन, कृष्ण जन्म झाकी, 25 फुट ऊँचा झूला, माँ कालका दर्शन, बाबा बफार्नी के दर्शन, 12 बजे मट्की और केक सेवा और रात्रि 12 बजे टीम रअफउ की तरफ से इक अदभुत नजारा  जो आपने पहले कभी नही देखा होगा। इस बारे में जानकारी देते हुए मंदिर के प्रधान जगदीश भाटिया ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का 25 फुट ऊंचा झूला बनेगा। इसके अलावा 31 हजार मोर पंखों में ठाकुर जी के दर्शन होंगे। रात पौने 12 बजे दही हांडी का कार्यक्रम होगा।

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