सत्य का पालन करना,असत्य से दूर रहना व सत्यनिष्ठा से रहना उत्तम सत्य : राधिका

-सत्य से आत्मा का कल्याण होता है : राधिका जैन
-विश्व की शाश्वत व्यवस्था का अभिज्ञान भी सत्य है : राधिका
-आत्मा का साक्षात्कार करना सत्य : जैन
City24news/अनिल मोहनिया
नूंह | जो वस्तु जैसी है जैसी सुनी है उसी रूप में उसकी व्याख्या वर्णन करना उत्तम सत्य है , उत्तम शौच धर्म के सद्भाव में ही उत्तम सत्य धर्म प्रकट होता है। समाजसेविका राधिका जैन ने बताया की छल कपट राग द्वेष रहित वचन बोलना सर्व हितकारी प्रमाणिक, मितकारी, कोमल मधुर वचन बोलना धर्म की हानि या कलंक लगाने वाले प्राणियों को दु:ख ना पहुंचाने वाले शब्द वचन ना कहना ही उत्तम सत्य धर्म है। शरीरादी से पृथक राग द्वेष विकारों से पृथक आत्मा का साक्षात्कार करना सबसे बड़ा सत्य है। राधिका ने बताया की विश्व की शाश्वत व्यवस्था का अभिज्ञान भी सत्य है। आसान शब्दों में जो जैसा है वैसा ही रुचिकर कल्याण कारी शब्दों में कहना सत्य है। सत्य का पालन करना,असत्य से दूर रहना व सत्य निष्ठा से रहना उत्तम सत्य धर्म है । अहित कटुवाणी का प्रयोग असत्य व मिथ्या है। सत्य से आत्मा का कल्याण होता है। सारे तप सत्य पर ही निर्भर करते हैं। सत्य बोलने पर अगर कहीं कलह ओर अशांति उत्पन्न हो तो उस अवस्था या स्थिति मे मौन रहना उचित है। व्यक्ति को निरंतर सत्य बोलने का अभ्यास करना चाहिए। व्यक्ति को सदा मधुर वाणी बोलनी चाहिए।