वक्फ बिल में हैं कई खामियां, सरकार की मंशा ठीक नहीं: लुकमान रमीज

City24news/ब्यूरो
फरीदाबाद। वक्फ बिल संसद से पारित होने पर कांग्रेस के जोनल अध्यक्ष माइनॉरिटी डिपार्टमेंट हरियाणा प्रदेश एवं कोऑर्डिनेटर हरियाणा प्रदेश जिला मेवात प्रभारी ओबीसी सेल लुकमान रमीज ने विरोध करते हुए कहा कि यह बिल कानून नहीं कानूनी भाषा में लिपटी हुई मनमानी है। उन्होंने कहा कि इसमें खामियां हैं। सरकार की मंशा ठीक नहीं है। एक तरह से यह परेशान करने के लिए बिल लाया गया है। ये सरकार अल्पसंख्यकों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए तैयार नहीं है क्योंकि समय दर समय उनके बजट में कटौती की गई है।
लुकमान रमीज ने कहा कि वे अनावश्यक रूप से विवाद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। वे आम तौर पर लोगों का ध्यान भटकाने के लिए मुद्दा बनाते रहते हैं। वे हितधारकों को विश्वास में नहीं लेते हैं और उनको विश्वास में लिए बगैर वो फैसले लेते हैं। उन्होंने तीन कृषि कानून भी पारित किए और फिर उन्हें निरस्त करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि यह सरकार इतना याद रखे कि यही सरकार सीएए कानून लाई थी, लेकिन 2 हजार लोग भी नागरिकता लेने के लिए नहीं आए। इसी तरह से किसानों के खिलाफ भी कानून लाए गए थे। किसानों को भी कृषि कानूनों के फायदे गिनाए गए थे। अब सबको समझना पड़ेगा कि जब देश को मनमोहन सिंह जैसा काबिल प्रधानमंत्री मिलता है तो आरटीआई जैसा कानून मिलता है।
लुकमान रमीज ने कहा कि यह विधेयक असंवैधानिक है। बीजेपी सरकार वक्फ की जमीनों को हड़पने का प्रयास कर रही है। मुसलमानों की जमीन पर बात करने के लिए लोकसभा में बीजेपी के पास एक भी मुसलमान सांसद नहीं है। एक भी मुस्लिम महिला सदस्य नहीं है। वक्फ की जो जमीनें हैं उसे हमारे पुरखों ने डोनेट किया है।
जानकारी के लिए बता दें कि वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक, 2024 को राज्यसभा में पेश किया गया था। केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने बिल को सदन में पेश किया। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों से बातचीत के बाद बिल तैयार हुआ है। 1 करोड़ से ज्यादा लोग ने बिल पर सुझाव दिए। इससे पहले करीब 12 घंटे की मैराथन चर्चा के बाद इस बिल को लोकसभा में पास किया गया था। बिल के पक्ष में 288 वोट पड़े तो वहीं इसके खिलाफ 232 वोट पड़े। वहीं, अब राज्यसभा की बारी है। राज्यसभा में इस बिल पर चर्चा चल रही है।