मोडी में संचालित तथाकथित बेसहारा आश्रम को ड्यूटी मैजिस्टेट की अगुआई में भारी पुलिस बल के साथ खाली कराया

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 -पंचायत की एक एकड भूमि पर गांव के ही व्यक्ति द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर किया जा रहा था संचालित
-प्रशासनिक कार्रवाई की भनक लगने पर आरोपी ने झज्जर सिफ्ट किए व्यक्ति
 -बीडीपीओ द्वारा पुलिस फोर्स के साथ जगह खाली करवाकर ग्राम पंचायत को सौंपी
City24news/सुनील दीक्षित
 कनीना | कनीना सब डिवीजन के गांव मोडी स्थित पंचायती जमींन पर बने तत्कालीन स्कूल भवन में पिछले करीब पांच वर्ष पूर्व गांव के ही व्यक्ति द्वारा शांतिकुंज बेसहारा आश्रम के नाम से कब्जा किया हुआ था, जिसे बुधवार सुबह 11 बजे ड्यूटी मैजिस्टेट की मौजूदगी में फायर ब्रिगेड, एंबूलेंस सहित भारी पुलिस के बीच काफी जद्दोजहद के बाद खाली करवा दिया गया। प्रशासनिक कार्रवाई की भनक लगने पर आश्रम संचालक पवन कुमार यहां से 37 व्यक्तियों को मंगलवार को ही झज्जर स्थित आश्रम में भेज चुका है। आश्रम में रखे सामान को बाहर निकाल कर ग्राम पंचायत की ओर से ताला लगाया गया है जहां ई-लाइबे्ररी व ओपन जिम खोला जायेगा। उसमें रखे सामान को आश्रम संचालक पवन कुमार अपने घर ले गया। ग्रामीणों ने कहा कि इस आश्रम में कहने को तो वृद्ध एवं बेसहारा व्यक्तियों को रखा जाता था लेकिन वास्तविकता कुछ ओर थी। यहां रहने वाले व्यक्तियों से फसल कटाई करवाकर मजदूरी का कार्य भी लिया जाता था।

कब्जा कार्रवाई के लिए बीडीपीओ ने पुलिस अधीक्षक को कई बार लिखा पत्र

जमींन पर अवैध रूप से कब्जा करने के आरोपी को बाहर का रास्ता दिखाने के लिए बीडीपीओ की ओर से बीती, 20 मार्च को पुलिस सहायता की मांग की थी लेकिन पुलिस बल न मिल पाने के कारण कब्जा कार्रवाई स्थगित हो गयी थी। कनीना के बीडीपीओ नवदीप की ओर से पुलिस अधीक्षक को प़त्र भेजकर एक अप्रैल को पुलिस बल की मांग की गई थी किंतु पुलिस सहायता न मिल पाने के कारण कार्रवाई लटक गई थी। सरपंच अनिता देवी ने बताया कि इससे पूर्व भी 19 जुलाई 2024, 27 जनवरी 2025, 30 जनवरी 2025 व 17 मार्च 2025 को पुलिस सहायता के लिए लिखा गया था। जो नहीें मिल सकी थी। अनिता देवी ने बताया कि गांव मोडी निवासी पवन कुमार ने ग्राम पंचायत की मलकियत पर बने तत्कालीन सत्य भारती स्कूल के भवन में अवैध रूप से संचालित किए गए ’बेसहारा शांतिकुंज अनाथ’ आश्रम के जरिए एक एकड भूमि की चारदीवारी एवं उसमें बने आठ कमरे सहित बरामदे, पानी की टंकी व टाॅयलेट पर कब्जा कर कुछ व्यक्तियों को अनाथ बताकर रखा हुआ था। इनके नाम से मनमर्जी मुाबिक चंदावसूली की जाती थी।

पंचायत की जमींन पर बने सत्य भारती स्कूल के भवन पर था कब्जे का ईरादा

उन्होंने बताया कि इस जमींन पर भारती फाउंडेशन की ओर से सत्य भारती नामक प्राईमरी स्कूल का संचालन शिक्षा-सत्र 2006-07 में किया था। विद्यार्थियों की संख्या कम होने के चलते 2018-19 में भारती फउंडेशन ने भवन सहित जमींन तत्कालीन पंचायत के सुपुर्द कर दी थी। उसके करीब दो वर्ष बाद उपरोक्त एनजीओ की ओर से बिना पंचायत की सहमति के अनाथ आश्रम का संचालन शुरू कर दिया। जिस पर पवन कुमार द्वारा कब्जा करने का ईरादा था।
आश्रम के व्यक्तियों से मजदूरी करवाने का आरोप
ग्रामीण गजराज सिंह, पूर्व पंच जगन सिंह,राजेश, कर्णसिंह, सरपंच प्रतिनिध रामनिवास ने बताया कि अनाथ आश्रम की आड में एनजीओ संचालक पवन कुमार महिला व पुरूषों को गेट बंद कर बंधक की भांंित रखता था ओर उनसे फसल कटाई करवाकर मजदूरी करवाई जाती थी। आश्रम परिसर में बिना संचालक की अनुमति के कोई भी व्यक्ति अंदर प्रवेश नहीं कर सकता था। कोई भी व्यक्ति दीवार फांदकर अंदर व बाहर न जा सके इसके लिए चारदीवारी पर बिजली के तार लगाकर करेंट छोडा हुआ था। किसी भी व्यक्ति को अंदर जाने के लिए पवन कुमार से अनुमति लेनी पडती थी। अंदर रह रहे किसी व्यक्ति द्वारा आश्रम की असलियत बताई जाती है तो उनसे मारपीट तक की जाती है। अनाथ आश्रम के नाम पर उनकी ओर से जगह-जगह चंदावसूली व सामान आदि डोनेशन लिया जाता था।
कनीना के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी द्वारा बीते समय इसका औचक निरीक्षण किया था तब चैंकाने वाले खुलासे हुए थे। आश्रम के गेट पर ताला लटका मिला था। तारों में बिजली का करेंट तथा उनसे मारपीट के किस्से सामने आए थे। उनके परिजनों के कहने पर पवन कुमार की अनुमति से ताला खोला गया। बीडीपीओ ने आश्रम में रह रहे लोगों से बातचीत तो उन्होंने बंधक बनाकर रखने जैसी बाते कही थी। वे लोग वहां से जाना चाहते थे लेकिन उन्हें जबरन वहां रोका गया था।

दब्रदस्ती करने का आरोप लगाकर आरोपी ने 112 डायल कर बुलाई पुलिस

बुधवार सुबह करीब साढे दस बजे बीडीपीओ नवदीप पूरे दस्ते के साथ मोडी स्थित मौके पर पंहुचे तो आरोपी पवन कुमार ने उन पर जबरदस्ती करने का आरोप लगाया ओर 112 नम्बर डायल कर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पंहुची डायल 112 की पुलिस ने मौके पर पूरा दस्ता देखकर हालात समझे ओर कब्जा कार्रवाई होती देख काॅल रिमू करवा कर वापिस रवाना हो गई। उसके बाद उसके परिजनों ने भी हंगामा करने की कौशिश की लेकिन भारी पुलिस बल होने के चलते हालात काबू में रहे। उसके बाद दोपहर तक शांतिपूर्वक कब्जा कार्रवाई चली।
सरपंच अनिता देवी ने बताया कि इस प्रशाससनिक अधिकारियों की उपस्थित में बुधवार को आश्रम को खाली कर पंचायत के सुपुर्द कर दिया गया है। कुछ बचा हुआ पवन कुमार द्वारा निकालने के बाद यहां पर ई-लाईब्रेरी व ओपन जिम खोला जाएगा। जिसका ग्रामीणों को लाभ मिलेगा। फिलहाल पंचायत व पवन कुमार की ओर से गेट पर दो ताले लगाए गए हैं। 

इस बारे में बीडीपीओ नवदीप ने बतौर ड्यूटी मैजिस्टेट बताया कि पुलिस फोर्स की सहायता से मोडी में संचालित बेसहारा शांतिकुंज अनाथ आश्रम को खाली करवा दिया गया है। उसमें रह रहे व्यक्त्यिों को पवन कुमार स्वयं झज्जर के आश्रम में छोडकर आया है। कब्जा कार्रवाई कर मलकियत ग्राम पंचायत के सुपुर्द कर दी गई है।

इस बारे में कब्जाधारी पवन कुमार ने बताया कि प्रशासन ने राजनीति के दबाव में आकर जगह को खाली करवा दिया। कुछ लोगोें ने ग्राम पंचायत से मिलकर व्यूह रचना रची है। उन्होंने कहा कि उनका मामला कोर्ट में विचाराधीन है। जिसकी आगामी एक मई को सुनवाई होनी है। उन्होंने कहा कि अनाथ बेसहारा आश्रम मोडी गांव में ही चलेगा।

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