पीएमएफएमई योजना से सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण को मिल रहा बढ़ावा : उपायुक्त अखिल पिलानीे

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– 35 प्रतिशत तक अनुदान के साथ स्वरोजगार को बढ़ावा दे रही पीएमएफएमई योजना
City24News/अनिल मोहनिया

नूंह | केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) जिले में सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह योजना स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन, स्वरोजगार को प्रोत्साहन तथा खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के विकास के लिए एक प्रभावी माध्यम साबित हो रही है। यह जानकारी उपायुक्त अखिल पिलानी ने दी।

उपायुक्त ने बताया कि पीएमएफएमई योजना का उद्देश्य सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों के विकास, विस्तार एवं उन्नयन को बढ़ावा देना है। योजना के तहत इच्छुक लाभार्थी अपने नए अथवा मौजूदा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम की स्थापना, विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को ऋण पूंजी पर 35 प्रतिशत तक कैपिटल सब्सिडी प्रदान की जाती है, जिसकी अधिकतम सीमा 10 लाख रुपये निर्धारित है। यह अनुदान नए व मौजूदा निजी तथा समूह आधारित सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को उपलब्ध कराया जा रहा है।

उपायुक्त ने बताया कि इस योजना के लिए 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी भारतीय नागरिक पात्र हैं। व्यक्तिगत उद्यमी, गैर-सरकारी संगठन, सरकारी समितियां, प्रोपराइटरशिप फर्म, साझेदारी फर्म, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी), किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) तथा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के रूप में भी आवेदन किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, अन्य सरकारी योजनाओं के लाभार्थी भी पीएमएफएमई योजना का लाभ लेने के लिए पात्र हैं।

उपायुक्त अखिल पिलानी ने जिले के इच्छुक उद्यमियों से आह्वान किया कि वे पीएमएफएमई योजना का अधिकतम लाभ उठाएं, स्वरोजगार को बढ़ावा दें और स्थानीय स्तर पर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को मजबूत बनाकर जिले की आर्थिक प्रगति में योगदान दें।

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