समाधान शिविर का उद्देश्य शिकायतों का त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
– समाधान शिविरों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं : उपायुक्त अखिल पिलानी
City24News/अनिल मोहनिया
नूंह | मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि समाधान शिविर सरकार और आम नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है, जिसके माध्यम से लोगों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए तथा प्रत्येक शिकायत के समाधान से संबंधित अद्यतन जानकारी समाधान प्रकोष्ठ पोर्टल पर समयबद्ध रूप से अपलोड की जाए।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेश के सभी जिला उपायुक्तों के साथ समाधान शिविरों की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में गंभीरता, पारदर्शिता और संवेदनशीलता अनिवार्य है, ताकि नागरिकों को समय पर राहत मिल सके और प्रशासन पर विश्वास और मजबूत हो।
वीडियो कॉन्फ्रेंस समीक्षा बैठक के उपरांत उपायुक्त नूंह अखिल पिलानी ने मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों की शत-प्रतिशत पालना सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि समाधान शिविर में आने वाले प्रत्येक नागरिक की शिकायत का स्थायी और संतोषजनक समाधान करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि कोई भी विभागीय अधिकारी शिकायतों को लंबित न रखे, प्रत्येक मामले की गहन जांच कर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा समाधान का स्पष्ट और सही विवरण समाधान प्रकोष्ठ पोर्टल पर दर्ज किया जाए, ताकि शिकायतें दोबारा पुनः न खुलें। उन्होंने कहा कि समाधान शिविरों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उपायुक्त ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार नागरिकों की सुविधा के लिए सप्ताह में दो दिन—सोमवार और वीरवार—को प्रातः 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक जिला मुख्यालय नूंह, उपमंडल तावडू, पुन्हाना तथा फिरोजपुर झिरका में समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों का एक ही स्थान पर समाधान किया जा रहा है।
उन्होंने आगे बताया कि समाधान प्रकोष्ठ पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की प्रत्येक शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा उच्चस्तरीय समीक्षा की जाती है, जिसमें समाधान की गुणवत्ता, समय-सीमा और अपलोड की गई रिपोर्ट की नियमित मॉनिटरिंग की जाती है। मुख्यमंत्री स्वयं भी शिकायतों की निरंतर समीक्षा कर रहे हैं और आवश्यकतानुसार दिशा-निर्देश जारी कर रहे हैं।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त दलबीर सिंह फौगाट, नगराधीश हिमांशु चौहान सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
