1971 के युद्ध में शहीद हुए कनीना के सैनिक सुमेर सिंह के परिजनों को बांग्लादेश की प्रधानमंत्री द्वारा भेजा गया प्रशस्ति पत्र व स्मृति परिजनों को सौंपा

-सेना के अधिकारियों ने सिटी थाना इंचार्ज की उपस्थिति में परिजनों को दिया सम्मान
City24news/सुनील दीक्षित
कनीना | आज से 54 वर्ष पूर्व 1971 में हुए भारत-पाकिस्तान युद्ध में शहादत देने वाले सैनिकों के परिजनों को बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने सम्मानित किया है। यह सम्मान प्राप्त करने वालों में कनीना के शहीद का परिवार भी शामिल है जिन्हें मंगलवार को सिटी पुलिस थाना इंचार्ज की उपस्थिति में सेना के अधिकारियों द्वारा सम्मानित किया गया। युद्ध के दौरान 1971 युद्ध मे शहीद हुए कनीना निवासी शहीद सुमेर सिंह को बांग्लादेश देश की प्रधानमंत्री शेख हसीना द्वारा प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह भेजकर सम्मानित किया है। 1831 मीडियम यूनिट, रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल निशिकांत श्रीवास्तव के निर्देश पर कनीना पंहुचे सूबेदार मेजर धर्मबीर सिंह व नायक प्रवीन कुमार ने शहीद की प्रतिमा पर पुष्प भी अर्पित करने के बाद कनीना के सिटी थाना इंचार्ज रविन्द्र सिंह, एएसआई सतीश कुमार, कमल सिंह, सुनील कुमार की उपस्थिति में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना द्वारा भेजा गया प्रस्तति पत्र व स्मृति चिन्ह को परिजनों को सौंपा। मेजर धर्मवीर सिंह ने बताया की बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना द्वारा प्रशस्ति पत्र दिया गया था, जिसे शहीद सुमेर सिंह के परिजनों सुनील कुमार व अन्य को सौंप दिए हैं। शहीद सुमेर सिंह अमर रहे के नारों के बीच सम्मान प्राप्त कर शहीद के परिजन भावुक हो गए।
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ने भारतीय सेना के 1600 शहीदों का किया सम्मान
मेजर धर्मबीर सिंह ने कहा कि 1971 में भारत-पाकिस्तान के मध्य युद्ध हुआ था। जिसमें बांग्लादेश को पाकिस्तान से आजादी मिली थी। 16 दिसम्बर 1971 को पाकिस्तानी सेना ने भारतीय सेना के सामने आत्म समर्पण कर दिया। भारतीय सेना का नेतृत्व सैम मानेकशाॅ कर रहे थे। बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना द्वारा युद्ध में हिस्सा लेने वाले भारतीय शसस्त्र बलों के 1600 शहीदों के मुख्तिजुधों समनाना के साथ सम्मानित करने का फैसला किया गया। 7 अप्रैल 2017 को शहीदों के 7 परिवारों को समनाना क्रेस्ट्स सौंपे थे। उन्होंने कहा कि देश के बहादुर जवानों की बदौलत पाकिस्तान से युद्ध जीता ओर बांग्लादेश को स्वतंत्र कराया था।