नूंह में आतंकी उमर की मौजूदगी की पुष्टि, दिल्ली ब्लास्ट से पहले किराए पर लिया था कमरा

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City24News/अनिल मोहनिया
नूंह | दिल्ली बम ब्लास्ट से पहले आतंकी डॉक्टर उमर की नूंह में मौजूदगी की पुष्टि होती जा रही है। करीब पांच दिनों से जिले में छानबीन कर रही दिल्ली पुलिस की टीम नूंह की हिदायत कॉलोनी में डेरा जमाए हुए है, जहां से कई अहम सुराग मिलने की संभावना जताई जा रही है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक आतंकी उमर ब्लास्ट से कुछ दिन पहले इसी कॉलोनी में एक किराए के मकान में रहा था।

किराए के मकान में 10 दिन तक रुका था उमर
जांच में सामने आया है कि उमर ने दिल्ली-अलवर रोड पर स्थित एक महिला के मकान में लगभग 10 दिन के लिए किराए पर एक कमरा लिया था। यह मकान यूनिवर्सिटी के इलेक्ट्रिशियन शोएब की साली का बताया जा रहा है। शोएब, जो पहले से ही पुलिस की हिरासत में है, ने ही उमर को यह कमरा दिलाने में भूमिका निभाई थी। शोएब की साली मूल रूप से नूंह के गोलपुरी गांव की रहने वाली है, जबकि उसकी ससुराल खिल्लुका गांव में स्थित है।

10 नवंबर को इसी मकान से निकला था उमर
पुलिस सूत्रों के अनुसार 10 नवंबर को उमर इसी किराए के मकान से अपनी i-20 कार में विस्फोटक सामग्री लेकर निकला था। माना जा रहा है कि ब्लास्ट के लिए ले जाए गए विस्फोटक इसी ठिकाने से लिए गए थे।

फिरोजपुर झिरका एटीएम मामले से जुड़ रहा है तार
इससे पहले जांच में यह भी उजागर हो चुका है कि उमर ने फिरोजपुर झिरका के एक एचडीएफसी एटीएम से पैसे निकालने की कोशिश की थी, जिसमें वह असफल रहा। बताया जा रहा है कि उसी असफल प्रयास के बाद वह नूंह पहुंचा और यहां किराए पर कमरा लेकर रुका। हैरानी की बात यह है कि उसके वहां रहने की भनक न तो पड़ोसियों को लगी और न ही स्थानीय खुफिया विभाग को कोई जानकारी मिल पाई।

सीसीटीवी फुटेज में मिली अहम कड़ी
नूंह के एक अल्ट्रासाउंड सेंटर में लगे कैमरों में उमर की गाड़ी हिदायत कॉलोनी में प्रवेश करते हुए दिखी है। हालांकि वह वहां से कब और किस दिशा में निकला—यह अब भी जांच एजेंसियों के सामने एक बड़ी पहेली बना हुआ है। एजेंसियां लगातार उस रूट की तलाश कर रही हैं, जिससे वह बिना किसी संदेह के निकल गया।

दो घटनाओं से हुआ नूंह आने का खुलासा
उमर के जिले में आने की जानकारी दो घटनाओं से सामने आई—पहली, उसका फिरोजपुर झिरका के टोल प्लाजा से गुजरना, और दूसरी, बीवां–पहाड़ी रोड पर एटीएम मशीन से पैसे निकालने का प्रयास। इन दोनों घटनाओं ने जांच का दायरा और गहरा कर दिया है।

अल आफिया मेडिकल कॉलेज से भी जुड़े हो सकते हैं तार
सूत्रों का कहना है कि अपने मेवात प्रवास के दौरान उमर जिले के अल आफिया मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे कुछ डॉक्टरों के संपर्क में भी रहा हो सकता है। हालांकि इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच एजेंसियां इस एंगल को भी गंभीरता से खंगाल रही हैं।

जांच एजेंसियां कई संदिग्धों से कर रहीं पूछताछ
दिल्ली पुलिस, स्पेशल सेल और अन्य जांच टीमें नूंह में कई पड़ावों पर छानबीन कर रही हैं। शोएब सहित कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है ताकि उमर की यहां की गतिविधियों, संपर्कों और ठिकानों की सटीक जानकारी जुटाई जा सके।

जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, नूंह में उमर की मौजूदगी से जुड़े और तथ्य सामने आ रहे हैं, जो यह संकेत देते हैं कि ब्लास्ट की साजिश में उसने जिले को एक सुरक्षित ठिकाने के रूप में इस्तेमाल किया था। पुलिस और जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि उसके स्थानीय संपर्क कितने गहरे और व्यापक थे।

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