हिंदू नव वर्ष व पावन नवरात्रों के अवसर पर 30 मार्च से 6 अप्रैल तक हो रही है श्री राम कथा

City24news/सुमित गोयल
बल्लभगढ़ | श्री सियाराम हनुमान मंदिर ब्राह्मण वाड़ा बल्लभगढ़ के प्रांगण में श्री सियाराम हनुमान मंदिर सभा रजि० व सभी भक्तों के सौजन्य से श्री राम कथा महोत्सव का आयोजन 30 मार्च से 6 अप्रैल तक दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक प्रतिदिन किया जा रहा है जिसमें 7 अप्रैल को प्रातः 9:00 बजे हवन तत्पश्चात भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा।वृंदावन धाम से पधारे कथा व्यास कार्ष्णि स्वामी श्री सुमेधानंद जी महाराज ने जी ने कथा के पांचवे दिन आए हुए सभी भक्तों को श्री राम कथा में श्री राम जन्म की कथा सुनाई।महाराज श्री ने श्रोताओं को बताया कि राजा दशरथ के चारों पुत्रों रामचंद्र, भरत, शत्रुघ्न और लक्ष्मण का नामकरण महर्षि वशिष्ठ द्वारा किया गया. साथ ही वशिष्ठ जी ने राम नाम के अर्थ और महत्व के बारे में भी बताया. जन्म के बाद रामलला का नाम दशरथ राघव रखा गया था, लेकिन नामकरण संस्कार के दौरान महर्षि वशिष्ठ ने उनका नाम ‘राम’ रखा।उन्होंने बताया कि रामलला की बाल क्रीड़ा और लीलाओं ने अयोध्या नगरी को एक नई खुशी एक नया आयाम दिया। प्रभु की बाल लीलाओं से न केवल पिता दशरथ और माता कौशल्या का मन पुल्कित होता, बल्कि प्रभु ने अपने मनोहर बाल रूप और बाल क्रीड़ा से समस्त नगरवासियों को भी सुख दिया. माता कौशल्या तो कभी अपने लाल को हिलाती-डुलाती तो कभी पालने में झुलाती। सभी भक्तों ने महाराज श्री से बाल लीलाओं का प्रसंग सुनकर मानसिक चिंतन से राम लीलाओं की झांकी का आनंद भी प्राप्त किया व नाच कूद कर राम जी की लाओ की खुशियां मनाई, मंदिर सभा के द्वारा आरती के पश्चात सभी भक्तों को खिचड़ी का प्रसाद वितरित किया गया।