विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 को लेकर एसडीएम अंकिता पुवार ने बीएलओ व सुपरवाइजरों को दिए निर्देश।

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– मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के लिए चुनाव आयोग की हिदायतों का करें अक्षरश: अनुपालन
City24News/अनिल मोहनिया
नूंह | एसडीएम अंकिता पुवार की अध्यक्षता में लघु सचिवालय के सभागार में नूंह विधानसभा क्षेत्र के सभी सुपरवाइजर एवं बीएलओ की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपस्थित अधिकारियों को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 की प्रक्रिया को लेकर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। 

 एसडीएम अंकिता पुवार ने कहा कि स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव संचालन के लिए मतदाता सूची का त्रुटिरहित होना अत्यंत आवश्यक है। कई बार मतदाता विभिन्न कारणों से पलायन या स्थानांतरित हो जाते हैं, ऐसे में विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 का सफल संचालन बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि जिन मतदाताओं का नाम वर्ष 2002 की मतदाता सूची में दर्ज है, उन्हें केवल एक फोटो के साथ गणना फार्म भरना होगा और जिन मतदाताओं का नाम/पिता/माता/दादा/दादी का नाम वर्ष 2002 की सूची में नहीं है, उन्हें सत्यापित दस्तावेजों सहित गणना फार्म जमा करवाना अनिवार्य होगा। प्रत्येक मौजूदा मतदाता के लिए पहले से भरे हुए दो गणना फार्म उपलब्ध कराए जाएंगे। इनमें से एक फार्म पर फोटो व हस्ताक्षर कर बीएलओ को वापस जमा करवाना अनिवार्य होगा, जबकि दूसरी प्रति मतदाता को पावती स्वरूप दी जाएगी। उन्होंने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण अवधि के दौरान फार्म 6 व 8 स्वीकार नहीं किए जाएंगे। प्रारंभिक प्रकाशन के बाद ही फार्म 6, 7 व 8 प्राप्त किए जाएंगे। एक ही मकान, गली, परिवार, भवन या टावर के मतदाताओं को एक ही बूथ में शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही पिन कोड, तहसील व जिला का सही होना भी अनिवार्य किया गया है।

 उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रम में बताया कि बीएलओ को प्रत्येक घर जाकर गणना फार्म वितरित व एकत्रित करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। बंद मकान पाए जाने पर 3-4 बार विजिट करना अनिवार्य होगा। ऐसे मामलों में आवश्यकतानुसार कार्रवाई कर एएसडी सूची में नाम शामिल किए जाएंगे तथा फार्म-14 के तहत नोटिस भी दिए जाएंगे। गणना फार्म ऑनलाइन भी प्राप्त किए जाएंगे, जिन्हें बीएलओ द्वारा डाउनलोड कर संबंधित पते पर जाकर दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। सभी फार्म व दस्तावेज बीएलओ के माध्यम से अपलोड किए जाएंगे तथा मूल प्रतियां ईआरओ कार्यालय में जमा करवाई जाएंगी। यदि किसी नागरिक का नाम मतदाता सूची में नहीं है, तो मतदाता बनने हेतु निर्धारित 13 सरकारी दस्तावेजों में से आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। इसके साथ फार्म 6 व 8 के साथ अतिरिक्त घोषणा फार्म भरना भी अनिवार्य होगा।

 उन्होंने बताया कि यदि कोई मतदाता गणना फार्म वापस जमा नहीं करता, तो बीएलओ कम से कम तीन बार संपर्क करेगा। इसके बावजूद फार्म न मिलने पर संबंधित मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटाया जा सकता है। गणना फार्म व दस्तावेज ऑनलाइन voters.eci.gov.in सर्विस पोर्टल व ईसीआईनेट एप के माध्यम से भी अपलोड किए जा सकते हैं। जानकारी के लिए 1950 हेल्पलाइन पर संपर्क किया जा सकता है। यदि कोई मतदाता बीएलओ या ईआरओ के निर्णय से असंतुष्ट है, तो वह उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपील कर सकता है। प्राप्त गणना फार्म के आधार पर मतदाता सूची का ड्राफ्ट प्रकाशन किया जाएगा। किसी भी मतदाता, राजनीतिक दल या बीएलए को आपत्ति होने पर वे दस्तावेजों सहित ईआरओ से मिल सकते हैं। समाधान न होने पर जिला निर्वाचन अधिकारी को लिखित शिकायत दी जा सकती है। मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को मतदाता सूची की एक हार्ड कॉपी व एक सॉफ्ट कॉपी उपलब्ध कराई जाएगी। बीएलओ जनप्रतिनिधियों, बीएलए एवं सामाजिक संगठनों के सहयोग से विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने बताया कि जिन मतदाताओं के नाम मतदाता सूची के ड्राफ्ट प्रकाशन में शामिल नहीं होते हैं तो उन्हें अपने दस्तावेज जमा करवाने होंगे, जोकि एक जुलाई 1987 से पूर्व जन्म वाले को एक दस्तावेज, एक दिसंबर 2004 से पूर्व जन्म वाले को 2 दस्तावेज तथा दो दिसंबर 2004 के बाद जन्म वाले को 3 दस्तावेज जिसमें स्वयं व पिता व माता के दस्तावेज भी शामिल होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि एसआईआर के दौरान नई वोट नहीं बनाई जाएंगी, प्रोजनी के अलावा किसी अन्य मतदाता से मैपिंग नहीं होगी तथा गणना फार्म की कोई भी जानकारी साझा नहीं की जाएगी। इस अवसर पर नगराधीश हिमांशु चौहान, नायब तहसीलदार चुनाव राजेंद्र हुड्ïडा, चुनाव कानूनगो जयकुमार शर्मा व स्टाफ उपस्थित रहा।

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