नूंह जिले रिश्वत का रियल-टाइम ड्रामा: साइबर थाना का होमगार्ड 30 हजार के सौदे में धर दबोचा, दलाल भी कस्टडी में।
City24News/अनिल मोहनिया
नूंह | नूंह में भ्रष्टाचार का ऐसा चेहरा बेनकाब हुआ कि सुनकर हैरानी भी होगी और गुस्सा भी। साइबर थाना में तैनात होमगार्ड जवान इरफान अली पर रिश्वत का ऐसा नशा चढ़ा कि कानून की रखवाली करने वाले ही खुद कानून के शिकंजे में फंस गए। आरोप है कि इरफान अली ने जेल में बंद साइबर ठग के चालान पेश करने के बदले ठग की पत्नी से मोटी रकम की मांग कर डाली।
खेल यहीं खत्म नहीं हुआ
पहले मांगे गए 50 हजार रुपये, फिर हुई मोल-भाव की लंबी किस्तें, और आखिरकार डील 30 हजार रुपये पर फाइनल। महिला ने मजबूरी में हामी तो भर दी, लेकिन हिम्मत दिखाते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) को शिकायत कर दी। इसके बाद तैयार हुआ पूरा ट्रैप प्लान।
अनाज मंडी में हुआ पूरा हाई-वोल्टेज ऑपरेशन।
जैसे ही महिला ने तय रकम दलाल आबिद के जरिए इरफान अली तक पहुंचाई, दोनों गाड़ी में बैठकर नोट गिन ही रहे थे कि तभी एसीबी की टीम ने धावा बोल दिया। दोनों को रंगे हाथों रिश्वत की रकम सहित पकड़ लिया गया।
इस कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस महकमे में खलबली मच गई।
लोगों के मुंह से एक ही सवाल
जब वर्दी वाले ही सौदेबाज़ बन जाएं तो इंसाफ की उम्मीद किससे करें।
एसीबी ने दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। यह घटना फिर साबित कर गई कि भ्रष्टाचार का इलाज सिर्फ कार्रवाई है, चाहे खेल वर्दी में हो या बिना वर्दी के।
