प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना का औद्योगिक संस्थान उठाएं लाभ: एडीसी दलबीर सिंह
City24News/अनिल मोहनिया
नूंह | अतिरिक्त उपायुक्त दलबीर सिंह ने जिला के औद्योगिक संस्थानों से प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि यह योजना केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे तथा उद्योगों को अपने कार्यबल को सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी।
अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत रोजगार आधारित प्रोत्साहन योजना को प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के रूप में लागू किया गया है। विकसित भारत पहल के अनुरूप तैयार की गई यह योजना देशभर में समावेशी एवं स्थायी रोजगार अवसरों के सृजन में सहायक सिद्ध हो रही है।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत दो प्रमुख भाग निर्धारित किए गए हैं। पहले भाग में ईपीएफओ में पहली बार पंजीकृत कर्मचारियों को लक्षित किया गया है, जिसके तहत एक माह का पीएफ वेतन अधिकतम 15,000 रुपये की राशि दो किस्तों में प्रदान की जाएगी। इस योजना के अंतर्गत एक लाख रुपये तक के वेतन वाले कर्मचारी पात्र होंगे। पहली किस्त छह माह की निरंतर सेवा के बाद तथा दूसरी किस्त बारह माह की सेवा पूर्ण करने एवं कर्मचारी द्वारा वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा करने के उपरांत देय होगी। बचत की आदत को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रोत्साहन राशि का एक हिस्सा निश्चित अवधि के लिए बचत साधन या जमा खाते में रखा जाएगा, जिसे कर्मचारी बाद में निकाल सकेगा।
दूसरे भाग के अंतर्गत सभी क्षेत्रों में अतिरिक्त रोजगार सृजन को कवर किया गया है, जिसमें विनिर्माण क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया गया है। इस भाग में नियोक्ताओं को एक लाख रुपये तक के वेतन वाले कर्मचारियों के लिए प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। सरकार कम से कम छह माह तक निरंतर रोजगार देने पर प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी के लिए दो वर्षों तक नियोक्ताओं को अधिकतम 3,000 रुपये प्रति माह तक का प्रोत्साहन देगी। विनिर्माण क्षेत्र के लिए यह प्रोत्साहन तीसरे एवं चौथे वर्ष तक भी बढ़ाया जाएगा।
अतिरिक्त उपायुक्त दलबीर सिंह ने बताया कि योजना का लाभ उठाने के लिए ईपीएफओ के साथ पंजीकृत प्रतिष्ठानों को कम से कम छह माह की निरंतर अवधि के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति करनी होगी। इसके तहत 50 से कम कर्मचारियों वाले नियोक्ताओं को न्यूनतम दो अतिरिक्त कर्मचारी तथा 50 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले नियोक्ताओं को न्यूनतम पांच अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति करना अनिवार्य होगा।
