बूचड़खानों से SUV गाड़ी गिफ्ट लेकर विवादों में नूंह पुलिस।

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-बूचड़खान संगठन के लोग बोले-ये कार्रवाई दबाने को लालच दिया।
City24News/अनिल मोहनिया

नूंह | नूंह में बढ़ती बूचड़खानों की संख्या के खिलाफ कई सामाजिक जहां लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका की पुलिस बूचड़खाना संचालकों से SUV गाड़ी लेकर विवाद में आ गई है। कई मीट फैक्ट्रियों के संचालकों की ओर से कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के नाम पर नए साल को फिरोजपुर झिरका के डीएसपी अजायब सिंह को बोलेरो गाड़ी की चाबी सौंपी गई।

जैसे ही सामाजिक संगठनों को इसका पता चला तो उन्होंने विरोध शुरू कर दिया। बूचड़खानों को बंद कराने के लिए संघर्ष कर रहे समिति के सदस्यों ने इसे पुलिस की कार्रवाई पर दबाव बताया है। 

मेवात कारवां संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर अशफाक आलम ने कहा कि 4 दिन पहले यानी 29 दिसंबर को पुलिस ने एक वाहन पकड़ा था, जिसमें बूचड़खानों में ले जाए जा रहे 17 मवेशी ठूंस-ठूंस कर भरे गए थे। 

उन्होंने कहा कि मीट फैक्ट्रियों को यदि सीएसआर में कोई मदद देनी है, तो मेवात की मूलभूत सुविधाओं और विकास पर पर खर्चा करना चाहिए। दूसरी तरफ, पुलिस अधिकारियों ने दलील दी कि मीट फैक्ट्री संचालकों का यह सहयोग महत्वपूर्ण साबित होगा। इससे पुलिस की गश्त और जांच प्रक्रियाओं को और प्रभावी बनाया जाएगा।

फिरोजपुर झिरका डीएसपी अजायब सिंह मीट फैक्ट्रियों को मैनेजरों से SUV गाड़ी की चाबी लेते हुए फोटो सेशन भी हुआ।

बताया जा रहा है कि नए साल को फेयर एक्सपोर्ट मांडीखेड़ा, आलमीन टॉस और अल नवेद यूनाइटेड घाटा शमसाबाद समेत अन्य मीट फैक्ट्रियो के मैनेजर फिरोजपुर झिरका के डीएसपी कार्यालय पहुंचे। यहां डीएसपी अजायब सिंह को बोलेरो गाड़ी की चाबी सौंपी। 

इस दौरान कहा गया कि जिले में अपराध पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस प्रशासन के प्रयासों को मजबूती प्रदान करते हुए गाड़ी सौंपी है। यह पुलिस और निजी क्षेत्र के बीच बढ़ते तालमेल का प्रतीक है। मीट फैक्ट्री के संचालक और मैनेजरों के मुताबिक कि यह पहल समाज सेवा के तहत की गई है।

मेवात संघर्ष समिति के सदस्य फजरुद्दीन बेसर और अजीज सरपंच जलालपुर सहित अन्य लोगों ने कहा कि उत्तर प्रदेश के बाद अब मेवात जिला बूचड़खानों का हब बन रहा है। बूचड़खानों से फैल रही गंदगी और बदबू से कई किलोमीटर के एरिया में ग्रामीण परेशान हैं। अभी मेवात में 24 बूचड़खाने चल रहे हैं जबकि 36 और पाइप लाइन पर हैं। मेवात से बूचड़खाने बंद हो इसके लिए वह लगातार पंचायत कर रहे हैं। कई बार प्रदर्शन किए। मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर से मिले और ज्ञापन सौंपा। इसके अलावा केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, कैबिनेट मंत्री राव नरवीर सिंह, सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा, कैराना सांसद इकरा हसन, संजय सिंह को भी शिकायत दी है। अब पुलिस को जो गाड़ी मिली है उससे साफ जाहिर होता है कि कहीं न कहीं पुलिस पर दबाव बनाया गया है।

अस्पतालों में एंबुलेंस या स्कूलों में बैंच देते।

मेवात कारवां के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अशफाक आलम ने कहा कि नूंह में शिक्षा, स्वास्थ्य, वातावरण जैसी चीजों पर काम करने की जरूरत है। मांडीखेड़ा के अल आफिया अस्पताल में दवाइयां का टोटा है। एम्बुलेंस सेवा भी समय पर नहीं मिलती।

फिरोजपुर झिरका के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बैंच नहीं है।लड़कियों को जमीन पर बैठना पड़ता है।बूचड़खानों से पूरा वातावरण दूषित हो रहा है। बूचड़खाना संचालकों को सीएसआर फंड ऐसे कामों पर खर्च करना चाहिए था। 

उन्होंने कहा कि 29 दिसंबर को पुलिस ने बूचड़खानों में ले जाए जा रहे 17 पशुओं को पकड़ा था। यह सभी पशु क्रूरता पूर्वक गाड़ी में भरे हुए थे। जाहिर होता है कि कार्रवाई से बचने के लिए पुलिस को गाड़ी दी गई।

गांव में दो बूचड़खाने, पूरा वातावरण दूषित हो रहा है।

जलालपुर के सरपंच अजीज हुसैन ने कहा कि बूचड़खानों के संचालकों को नागरिक अस्पताल में फ्री कैंटीन, पानी की व्यवस्था के लिए वाटर कूलर, गांवों में पेयजल की व्यवस्था के लिए हैंडपंप, वातावरण को सुरक्षित रखने के लिए पेड़ पौधे लगवाने में सीएसआर का पैसा खर्चा करना चाहिए था। उनके गांव में दो बूचड़खाने हैं, जिससे पूरा वातावरण दूषित हो रहा है। पुलिस को तो जरूरत के हिसाब से गाड़ियां सरकार देती ही है।

डीएसपी बोले-मैंने ही गाड़ी के लिए रिक्वेस्ट की थी।

गाड़ी गिफ्ट में लेने को लेकर उठ रहे विवाद पर फिरोजपुर झिरका डीएसपी अजायब सिंह ने कहा-मैंने ही बूचड़खाना संचालकों से रिक्वेस्ट किया था कि शहर थाना पुलिस को पेट्रोलिंग के लिए एक गाड़ी चाहिए। रिक्वेस्ट को मानते हुए बूचड़खाने के संचालकों ने नए साल पर गाड़ी दी है। जिसके लिए हम उनका धन्यवाद करते हैं। इससे अपराध पर अंकुश लगेगा। बूचड़खाना संचालकों से पशु क्रूरता समेत अन्य नियमों का पालन करने के निर्देश भी दिए गए हैं। 

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