विधायक मामन खान ने विधानसभा में उठाया मेवात में अध्यापकों की कमी का मुद्दा

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-जब स्कूलों में अध्यापक ही नहीं तो नकल ही करेंगे बच्चे , सरकार नहीं कर रही घोषणाओं पर अमल। मामन खान 
-प्रसव के दौरान जिले में गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों की मौत को लेकर अवैध जच्चा-बच्चा केन्द्रों का भी उठाया मामला

City24news/अनिल मोहनिया
नूंह | फिरोजपुर से कांग्रेस के विधायक मामन खान इंजीनियर ने बुधवार को विधानसभा में शिक्षा से जुड़े  मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि मेवात में लगभग पांच हजार अध्यापकों की कमी है। जिसके चलते स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पा रही है। आपको बता दें कि जहां मंगलवार को विधायक मामन खान इंजीनियर ने मेवात में प्रसव के दौरान गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों की मौतों का मामला उठाकर स्वास्थ्य विभाग पर अवैध जच्चा-बच्चा केंद्र पर कार्रवाई ना करने के लिए उंगली उठाई थी, वही बुधवार को विधायक मामन खान ने विधानसभा में बोलते हुए कहा कि नकल रोकने के लिए पूरे हरियाणा में आवाज उठाई जा रही है। लेकिन कभी किसी ने ये नहीं सोचा कि आखिर नकल क्यों हो रही है और छात्र नकल क्यों कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेवात में भारी संख्या में अध्यापकों की कमी है। जब स्कूल में बच्चे पढ़ने जाते हैं तो उनका सिलेबस पूरा नहीं होता और पूरी साल उन्हें बगैर पढ़ें ही गुजारना पड़ता है। जिससे उन्हें मजबूरन नकल करनी पड़ती है। क्योंकि आखिर उन्हें भी पास होना है। उन्होंने कहा कि ऐसे दर्जन भर गांव है जो घोषणा होने के बाद भी वहां पर स्कूल की बिल्डिंग नहीं बनी हुई है। जबकि वहां के बच्चों को दूसरे स्कूल में शिफ्ट कर पढ़ाया जा रहा है। इतना ही नहीं उन्होंने सहायक शिक्षकों के लिए भी आवाज उठाते हुए कहा कि सहायक शिक्षकों की मेवात में लगभग चार-चार माह से सैलरी नहीं दी जा रही है, जबकि बच्चों को वो  पढाने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि 2019 में सरकार द्वारा मेवात में एक सरकारी मॉडर्न कॉलेज बनाने की बात की गई थी, लेकिन सरकार ने अब तक कुछ घोषणा पर कोई अमल नहीं किया है। विधायक ने मेवात कैडर की भी बात को विधानसभा में रखा और 2012 से शुरू हुई मेवात कैडर के अंदर आने वाले अध्यापकों को 2022 के बाद उससे बाहर कर दिया है। उसके लिए उन्होंने आवाज उठाकर मांग की। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि पीडब्ल्यूडी विभाग, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और एरीगेशन डिपार्टमेंट के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर जो जिले में नहीं बैठते हैं, उनको भी मेवात जिले में बैठने के सरकार आदेश दें ,ताकि मेवात के लोगों को आ रही समस्याओं से निजात मिल सके। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा विधायकों को दो दो करोड रुपए की राशि दी जाती थी, वह अब नहीं दी जा रही है उसे भी सभी विधायकों को देने का काम किया जाए। ताकि वह विकास कार्य करा सके। इतना ही नहीं उन्होंने डी प्लान में भी विधायकों को हिस्सेदारी देने की मांग की और कहां की जिले में डी प्लान राशि में सभी विधायकों की हिस्सेदारी दी जाए ताकि उनके क्षेत्र में विकास कार्य हो सके।

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