जैन धर्म में मकर संक्रांति का विशेष महत्व:रजत जैन

0

-मकर सक्रांति का पर्व अंधेरे से निकालकर जीवन मे प्रकाश का संचार करता है
-मकर संक्रांति का दिन किसानों के लिए है अत्यधिक महत्त्वपूर्ण दिन
City24News/अनिल मोहनिया

नूंह | मकर संक्रांति का अपना एक अत्यधिक महत्वपूर्ण स्थान है। इस दिन जहां सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं। जिसकी वजह से रात्रि छोटी हो जाती है ओर दिन बड़े होना शुरू हो जाता है।

सर्व जातीय सेवा समिति के उपाध्यक्ष रजत जैन ने उक्त जानकारी देते हुए बताया की जैन धर्म में मकर सक्रांति का दिन अत्याधिक महत्वपूर्ण है। जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ के पुत्र चक्रवर्ती भरत ने सूर्य में स्थित जिनबिम्ब की स्वयं के राजमहल की खिड़की से खड़े होकर पूजा अर्चना की थी। रजत ने बताया की मकर सक्रांति के दिन ही वर्ष में एक बार ही मकर राशि मे आता है। मकर सक्रांति का दिन किसानों के लिए अत्याधिक महत्वपूर्ण होता है । देश के किसान अपनी फसलों को काटते हैं। ये वे दिन होता है जब सूर्य उत्तर की ओर बढ़ता है मकर सक्रांति का पर्व सभी को अंधेरे से निकालकर रोशनी (प्रकाश)की ओर बढ़ने की प्रेरणा का संदेश देता है। ये दिन सभी को नई ऊर्जा उत्साह ,उमंग,के साथ काम करने की प्रेरणा देता है। साथ-साथ जीवन मे नए संचार का भी योग का निर्माण होता है । मकर संक्रांति वाले दिन पर्यावरण में अधिक चैतन्य के साथ अधिकतम दिव्य शक्तियां रहती है जो ज्यादा से ज्यादा आध्यात्मिक लाभ प्रदान करती।है। इस दिन गंगा स्नान का भी विशेष महत्व होता है । इस दिन गौ माता की सेवा करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है और व्यक्ति अधिक से अधिक गौ माता की सेवा कर उसका पुण्य प्राप्त करते है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *