विद्यार्थियों का लर्निंग आउटकम बढ़ाना अध्यापकों की जिम्मेदारी : रोहतास वर्मा

City24news/अनिल मोहनिया
नूंह | जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी नूंह रोहतास वर्मा ने कहा कि “विद्यार्थियों का लर्निंग आउटकम सुधारना अध्यापकों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। हर शिक्षक को अपने निपुण लक्ष्य तय कर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि निर्धारित समय में बच्चे अपेक्षित दक्षता हासिल करें।”
उन्होंने जिले के विद्यालयों का निरीक्षण कर बुनियादी साक्षरता और संख्यान ज्ञान (FLN) की स्थिति की समीक्षा की। निरीक्षण में यह पाया गया कि कई विद्यालयों में विद्यार्थियों का लर्निंग आउटकम अभी भी अपेक्षित स्तर से नीचे है।
निरीक्षण में दिए गए प्रमुख निर्देश
प्रत्येक शिक्षक अपने निपुण लक्ष्य लिखकर तय करें कि किस तिथि तक कौन सा परिणाम प्राप्त करना है।
एबीआरसी व बीआरपी अपनी निगरानी नियमित और पारदर्शी तरीके से करें तथा केवल वास्तविक डाटा प्रस्तुत करें।
जिन विद्यालयों का लर्निंग आउटकम कम है, वहां खंड शिक्षा अधिकारी विशेष बैठक बुलाएँ और सुधार की योजना बनाएं।
प्रत्येक माह “स्टार ऑफ द मंथ” अध्यापक का चयन कर उसे सम्मानित किया जाए।
सीआरसी अपने लक्ष्य विद्यालयों में ठोस सुधार लाएँ।
जिला सुपरविजन टीम, डाइट सदस्य, जिला विज्ञान विशेषज्ञ और गणित विशेषज्ञ विद्यालय भ्रमण कर शिक्षकों को ठोस लक्ष्य दें।
कक्षा-वार निपुण लक्ष्य
कक्षा 1
हिंदी : वर्ण, अक्षर और छोटे वाक्य (4–5 शब्द) पढ़ने की क्षमता।
गणित : 9 तक की संख्या की पहचान, जोड़-घटाव, बढ़ते-घटते क्रम और नंबर पैटर्न।
कक्षा 2
हिंदी : प्रति मिनट कम से कम 45 शब्द पढ़ने की दक्षता।
गणित : 99 तक की संख्याओं का जोड़-घटाव, आरोही-अवरोही क्रम व पैटर्न की समझ।
कक्षा 3
हिंदी : प्रति मिनट 60 शब्द पढ़ने की क्षमता।
गणित : 999 तक की संख्याओं का जोड़, घटाव, गुणा, भाग; वातावरण आधारित पैटर्न और सामान्य नक्शे की समझ।
विद्यालय अनुशासन एवं गतिविधियाँ
डीईओ नूंह ने कहा कि सभी शिक्षक समय पर विद्यालय पहुँचें, प्रार्थना सभा का सही आयोजन करें और उसमें रचनात्मक गतिविधियाँ शामिल करें। साथ ही, निपुण की समय-सारणी को सभी कक्षाओं में अनिवार्य रूप से लागू किया जाए।