साप्ताहिक सत्संग में अच्छे संस्कार मानव जीवन का निर्माण करते है।
City24News/अनिल मोहनिया
नूंह | नूंह जिले के ग्राम छपेड़ा में आयोजित साप्ताहिक हवन-सत्संग कार्यक्रम में आचार्य राजेश ने धर्म, संस्कार और माघ माह के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। सत्संग को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अच्छे संस्कार ही मानव जीवन का सही निर्माण करते हैं और व्यक्ति को सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
आचार्य राजेश ने बताया कि माघ माह का धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है। यह माह धार्मिक कृत्यों, उपवास, दान और तपस्या के लिए अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। इस दौरान गंगा स्नान का विशेष महत्व है। माघ पूर्णिमा, माघ स्नान और माघ एकादशी जैसे महत्वपूर्ण व्रत एवं पर्व भी इसी माह में आते हैं। उन्होंने कहा कि माघ माह में साधक अपनी आध्यात्मिक उन्नति के लिए विशेष साधना करते हैं। यह समय भक्ति, तपस्या और आत्मिक शुद्धि के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। इस दौरान ओम का ध्यान और वेद माता गायत्री महायज्ञ करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
आचार्य ने आगे बताया कि माघ शुक्ल पक्ष में संक्रांति का पर्व भी मनाया जाता है, जो सूर्य के उत्तरायण होने का संकेत देता है। इस दिन तिल और गुड़ का दान करने की परंपरा है, जिसे माघ संक्रांति कहा जाता है। शास्त्रों के अनुसार माघ माह में किए गए व्रत, दान और स्नान का फल कई गुना बढ़ जाता है, जिससे व्यक्ति को पुण्य लाभ और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।
हवन-सत्संग कार्यक्रम में ग्राम के अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिनमें हरिचंद, रोशन, रमेश (सरपंच), मंजीत, अनीता, पूनम, कैलाश, मोहरबती, माया, गीता, सुनीता सहित अन्य ग्रामीणों ने भाग लिया। सभी ने सत्संग से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में अच्छे संस्कार अपनाने का संकल्प लिया।
