लहरवाड़ी गांव में नशा और जुए पर सख्ती, पंचायत ने लिया नशा मुक्त गांव का संकल्प

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City24News/अनिल मोहनिया
नूंह | जिले में जहां पुलिस विभाग द्वारा नशे के खिलाफ अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है वहीं ग्राम पंचायतें भी अब नशे के खिलाफ एकजुट होकर इस समाजिक बुराई को पूरी तरह से पंाबद करने पर जुटी है। उपमंड़ल के लहरवाडी गांव के राजकीय वरिश्ठ माध्यमिक स्कूल में शनिवार को गांव ग्रामीणों द्वारा अहम पंचायत की जिसमें नषा, साइबर अपराध सहित जुआ सट्टा, गौकषी आदि समाजिक बुराईयों को लेकर लंबी चर्चा की साथ ही ग्रामीणों ने फैसला लिया की समाजिक बुराईयों में संलिप्त लोगों को पहले पंचायत स्तर पर सजा दी जाएगी उसके बाद कानूनी कार्यवाही कराई जाएगी। ऐसे अपराधों में संलिप्त लोग अगर इसके बाद भी अपना रवैया नहीं बदलते है तो उनका समाजिक तौर पर बहिष्कार किया जाएगा। पंचायत में गांव के सरपंच, पूर्व सरपंच ,बुजुर्गों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों ने एकजुट होकर इन सामाजिक बुराइयों पर सख्ती से रोक लगाने का संकल्प लिया और दोषियों के खिलाफ कड़े सामाजिक फैसले लेने का ऐलान किया।

पंचायत की अध्यक्षता कर रहे मौलाना अब्दुल रहमान ने कहा कि नशा और चोरी करना इस्लामी मजहब में हराम है। नशा नौजवान पीढ़ी को पूरी तरह तबाह कर देता है। पंचायत का मकसद गांव में फैल रही सामाजिक बुराइयों को जड़ से खत्म कर युवाओं को सही राह पर लाना है, ताकि गांव में अमन-शांति बनी रहे। उन्होंने कहा कि नशा एक बड़ा जुर्म है और हमारा मजहब इसकी इजाजत नहीं देता। ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से फैसला लिया गया है कि गांव में न तो नशे की तस्करी होने दी जाएगी और न ही नशे का सेवन। साथ ही मोटरसाइकिल चोरी और चोरी करने वालों को किसी भी प्रकार का सहयोग नहीं दिया जाएगा। पंचायत ने गांव को नशा मुक्त बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने ने कहा कि गांव के कुछ ही लोग इस तरह की गतिविधियों में शामिल हैं, जिन्हें पहले समझाया जाएगा। यदि इसके बावजूद वे नहीं माने तो उनकी शिकायत एसपी मेवात से की जाएगी। उन्होंने कहा कि पूरा गांव इन फैसलों के समर्थन में एकजुट है और समाज हित में इन्हें सख्ती से लागू किया जाएगा। पंचायत सदस्य इरशाद खान ने कहा कि पंचायत का मुख्य उद्देश्य गांव से सामाजिक बुराइयों को खत्म करना है। उन्होंने बताया कि पवित्र स्थानों का गलत इस्तेमाल होना बेहद चिंताजनक है। यह गांव की ओर से एक छोटी लेकिन अहम पहल है, जिससे युवाओं में सुधार की पूरी उम्मीद है। युवाओं को सही दिशा में लाने के लिए एक माह बाद दोबारा से पंचायत होगी, जिसमें कई अहम निर्णय के साथ साथ आर्थिक दंड व सामाजिक बहिष्कार करने का फैसला लिया जाएगा।

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