गेहूं की फसल में पीला रतुआ दिखे तो तुरंत करें उपचार : उपायुक्त

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किसानों को सतर्क रहने की सलाह, गेहूं में पीले रतुए से बचाव के निर्देश
City24News/अनिल मोहनिया

नूंह | उपायुक्त अखिल पिलानी ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे गेहूं की फसल में पीले रतुए (येलो रस्ट) के लक्षण दिखाई देते ही तुरंत उपचारात्मक उपाय अपनाएं। उन्होंने कहा कि यह एक फफूंद जनित रोग है, जो समय पर नियंत्रण न होने की स्थिति में फसल की उपज को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।

उपायुक्त ने बताया कि रोकथाम के लिए किसान 200 मिलीलीटर प्रोपिकोनाजोल (टिल्ट 25 प्रतिशत ईसी) को 200 लीटर पानी में घोलकर प्रति एकड़ छिड़काव करें। इसके विकल्प के रूप में 800 ग्राम जिनेब (डाईथेन जेड-78) अथवा मैनकोजेब (डाईथेन एम-45) को 250 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ छिड़काव किया जा सकता है। आवश्यकता अनुसार 10 से 15 दिन के अंतराल पर 2 से 3 छिड़काव दोहराएं।

उन्होंने बताया कि रोग के प्रारंभिक लक्षण पत्तियों की ऊपरी सतह पर पीले रंग के छोटे धब्बों के रूप में दिखाई देते हैं, जो आगे चलकर धारियों में बदल जाते हैं। पत्तियों को छूने पर पीले रंग का पाउडर हाथों पर लगना भी इस रोग की पहचान है। समय पर पहचान एवं वैज्ञानिक उपचार से रोग पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।

इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. वीरेन्द्र देव आर्य ने किसानों से नियमित फसल निरीक्षण करने तथा विभाग द्वारा जारी सलाह का पालन करने का आग्रह किया, ताकि फसल को सुरक्षित रखा जा सके।

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