जिला स्तर पर स्थानीय शिकायत समिति (एलसीसी) का गठन
– पोश अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन व महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में निभाएगी महत्वपूर्ण भूमिका
– तीन वर्ष का होगा कार्यकाल, सामाजिक कार्यकर्ता, अधिवक्ता, चिकित्सक व विभागीय अधिकारी किए गए शामिल
City24News/अनिल मोहनिया
नूंह | सरकारी कार्यालयों व संगठित एवं असंगठित क्षेत्रों में कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम, निषेध और निवारण अधिनियम, 2013 तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के निर्देशों की अनुपालना में जिला स्तर पर स्थानीय शिकायत समिति (एलसीसी) का गठन किया गया है।
उपायुक्त अखिल पिलानी ने बताया कि एलसीसी का कार्यकाल आगामी तीन वर्षों के लिए मान्य होगा। समिति में सामाजिक कार्यकर्ता, अधिवक्ता, चिकित्सक एवं विभागीय अधिकारी शामिल किए गए हैं, ताकि कार्यस्थल पर महिलाओं से संबंधित शिकायतों का निष्पक्ष, संवेदनशील एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके। समिति के सभी नामित सदस्यों को उनके मनोनयन की सूचना पत्र के माध्यम से प्रेषित कर दी गई है। यह समिति जिले में पोश अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन एवं महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने बताया कि इस एलसीसी में गांव उजीना, तहसील नूंह निवासी सामाजिक कार्यकर्ता मीना कुमारी अध्यक्ष होंगी और महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी नूंह को सदस्य सचिव बनाया गया है। इसी प्रकार बाल विवाह निषेध अधिकारी सह महिला संरक्षण अधिकारी मधु जैन, गोंडा राम चौक नूंह निवासी सामाजिक कार्यकर्ता मंजू, ग्राम उजीना की एडवोकेट मंजू लता सिंह, जिला नूंह की एडवोकेट सुदेश रानी व अल-आफिया अस्पताल, मांडी खेड़ा, नूंह के डॉ. प्रीतम तनेजा को सदस्य के रूप में नामित किया गया है। यह समिति जिले में कार्यस्थलों पर महिलाओं से संबंधित शिकायतों की सुनवाई एवं निस्तारण हेतु निष्पक्ष, संवेदनशील एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
