आईएमटी रोजका मेव में किसान सात अप्रैल को करेगे महापंचायत, किसानों ने बैठक कर सैनी सरकार को चेताया

City24news/अनिल मोहनिया
नूंह | आईएमटी रोजका मेव भूमि अधिग्रहण का कम मुआवजा मिलने के लिए पिछले कई महीने से धरना दे रहे 9 गांव के किसानों से ईद उल फितर के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से प्रतिनिधि मंडल की मुलाकात जो जिला प्रशासन ने कराने का वायदा किया था, उस दिशा में सरकार को अवगत करा दिया गया है। जैसे ही वहां से कोई तारीख व स्थान निश्चित होगा तो किसान प्रतिनिधि मंडल की मुलाकात जरुर कराई जाएगी। बुधवार को बातचीत के दौरान उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि किसान विकास कार्यों में रुकावट ना डालें और दूसरा किसान सरकार से मुलाकात कर अपनी बात रखना चाहते हैं। इस बात पर जिला प्रशासन का पूरा फोकस है। बता दें कि रमजान के महीने में किसानों ने आईएमटी रोजकामेव का कामकाज रुकवा दिया था। जिसके बाद काफी बवाल हुआ था और 104 किसानों को गिरफ्तार भी किया गया था। जिनमें महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक थी उसके बाद किसानों ने धरना स्थल पर विरोध प्रदर्शन किया था। जिसमें भाकियू युवा प्रदेश अध्यक्ष रवि आजाद ने शिरकत कर शासन व किसानों के बीच बातचीत की मध्यस्थता की थी। उस समय अश्वनी कुमार एसडीएम नूंह ने किसानों को भरोसा दिलाया था कि 7 अप्रैल से पहले – पहले किसानों के प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात करा दी जाएगी, लेकिन इसी बीच उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरवीर सिंह ने आईएमटी रोजका मेव ने मांगों को लेकर धरना दे रहे किसानों को लेकर विवादित बयान दे दिया। जिसके बाद किसानों का गुस्सा उबाल मारने लगा और बुधवार को उन्होंने सरकार के खिलाफ न केवल नारेबाजी की बल्कि इस पूरे मामले की सीबीआई जांच तक की मांग कर डाली। उन्होंने कहा कि एचएसआईआईडीसी के अधिकारी सिर्फ एक तरफ की बात सुन रहे हैं। किसानों की बात नहीं सुनी जा रही है। किसान मुख्यमंत्री नायब सैनी से मिलकर अपनी बात रखना चाहता है। किसानों को अपनी बार रखने का मौका दिया जाना चाहिए। बता दें कि वर्ष 2010 में 9 गांव की तकरीबन 1600 एकड़ भूमि का अधिग्रहण आईएमटी रोजका मेव के लिए किया गया था। किसानों को पहले 25 लाख और बाद में 21 लाख रुपए बढ़ाकर मुआवजा देने का भरोसा दिलाया गया था। किसानों का कहना है कि उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिला है। जिसके लिए वह लगातार संघर्ष कर रहे हैं। जब तक उनकी मांगों को नहीं माना जाएगा, तब तक उनका विरोध – प्रदर्शन जारी रहेगा। अब इस मामले में उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा के बयान से इतना तो साफ है कि आने वाले तीन – चार दिनों में किसानों के प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से हो सकती है।