जिला नूंह के किसान आधुनिक तकनीकों से बढ़ा रहे पैदावार, हो रही पानी की बचत
City24News/अनिल मोहनिया
नूंह | प्रदेश के किसान बागवानी फसलों की खेती में आधुनिक तकनीकों को अपनाकर कम पानी में अधिक उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं। जिला नूंह के किसान बागवानी विभाग के मार्गदर्शन में अपनी फसलों की गुणवत्ता में निरंतर सुधार कर रहे हैं। नूंह जिले की प्याज देशभर में अपनी विशेष पहचान रखती है, जिसकी बेहतर आवक से मंडियों में कीमतों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही जिले में टमाटर की खेती भी बड़े पैमाने पर की जाती है, जिसमें किसान नई वैज्ञानिक पद्धतियों का उपयोग कर रहे हैं।
जिला उद्यान अधिकारी डॉ. अब्दुल रजाक ने बताया कि जिले में जल स्तर कम होने के कारण किसानों ने टपका सिंचाई (ड्रिप इरिगेशन) प्रणाली को प्रमुखता से अपनाया है। यह तकनीक पानी की बचत के साथ फसल उत्पादन बढ़ाने में अत्यंत कारगर सिद्ध हो रही है। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली अपनाने वाले किसानों को उद्यान विभाग द्वारा अनुदान प्रदान किया जाता है, जिससे किसानों को आर्थिक लाभ मिलता है।
डॉ. रजाक ने बताया कि किसान सर्दी के मौसम में मल्चिंग तकनीक का प्रयोग कर रहे हैं, जिसके उपयोग से फसलों में नमी बनी रहती है और फसल खराब होने की संभावना कम होती है। इस तकनीक पर भी विभाग द्वारा अनुदान उपलब्ध कराया जाता है।
उन्होंने आगे कहा कि किसान फसलों को पाले से बचाने के लिए प्लास्टिक टनल तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह विधि सर्दी के मौसम में फसल सुरक्षा के लिए अत्यंत उपयोगी है और इस पर भी सरकार की ओर से अनुदान का लाभ उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त किसान स्टेकिंग तकनीक का उपयोग कर फसल को क्षति से बचाते हुए उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित कर रहे हैं।
जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि जिले के किसान तेजी से बागवानी की ओर आकर्षित हो रहे हैं तथा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बागवानी फसलों पर अनुदान प्राप्त करने हेतु किसानों का “मेरी फसल मेरा ब्यौरा” पोर्टल पर पंजीकरण करना अनिवार्य है। आवश्यक दस्तावेजों सहित आवेदन संबंधित ब्लॉक कार्यालय में जमा करना होगा। आवेदन स्वीकृत होने एवं भौतिक सत्यापन के बाद अनुदान राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेज दी जाएगी।
