कृषि तथा राजस्व विभाग के कर्मचारी बना रहे किसान पंजीकरण आईडी

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-सरकार किसानों को एग्रीस्टैक के माध्यम से ऑनलाइन देगी सुविधाएं
City24News/सुनील दीक्षित

कनीना | हरियाणा सरकार प्रदेश के किसानों को तकनीकी रूप से सक्षम और समृद्ध बनाने की दिशा में प्रयत्नशील है। सरकार किसानों को एग्रीस्टैक के तहत आईडी बनाकर उन्हें ऑनलाइन सुविधा देगी। जिसके चलते किसान पंजीकरण आईडी बनाने का कार्य जोर-शोर से किया जा रहा है। कनीना के एसडीएम डॉ जितेंद्र सिंह अहलावत ने बताया कि केंद्र व प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना एग्रीस्टैक के तहत जिले के सभी किसानों के लिए अपनी विशिष्ट किसान आईडी बनवाना अनिवार्य किया गया है। इस कार्य के पूरा होने के बाद कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता और आधुनिकता का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा
शुरू किया गया डिजिटल डेटाबेस किसानों के लिए भविष्य में किसी वरदान से कम नहीं होगा। इस आईडी के माध्यम से किसानों को पीएमकेवीवाई, फसल सब्सिडी, फसल बीमा, ऋण और मुआवजे का लाभ सीधे उनके खातों में प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि जो किसान समय रहते अपनी आईडी नहीं बनाएंगे, उन्हें निकट भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाई हो सकती है। उनका प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त का लाभ भी अटक सकता है। उन्होंने बताया कि किसान आधार कार्ड व जमीन के खसरा-खेवट नम्बर से स्वयं भी पंजीकरण कर सकते है।
उन्होंने कहा कि सुशासन सप्ताह से शुरू किया गया अभियान जारी है। जिसके दृष्टिगत भू-राजस्व एवं कृषि विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी फील्ड में उतर कर गांव-गांव जोकर‘फार्मर रजिस्ट्रेशन आईडी’ बना रहे हैं। एसडीएम के दिशा निर्देशन में अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। कनीना की तहसीलदार पायल यादव एवं नायब तहसीलदार नोरंग लाल की अगुआई में किसान पंजीकरण पहचान पत्र बनाने का कार्य किया जा रहा है।
कनीना-पीपी साइज फोटो एसडीएम डॉ जितेंद्र सिंह अहलावत।

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