हरियाणा में रेत खनन के लिए ई-नीलामी प्रक्रिया घोषित, 28 जनवरी से ऑनलाइन बोली होगी शुरू
City24News/अनिल मोहनिया
नूंह | हरियाणा सरकार के खान एवं भूविज्ञान निदेशालय ने प्रदेश में रेत खनन को लेकर ई-नीलामी कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। जारी सार्वजनिक सूचना के अनुसार फरीदाबाद और पलवल जिलों में लघु खनिज “रेत” के उत्खनन हेतु खनन अनुबंध/खनिज अधिकार प्रदान करने के लिए ई-नीलामी आयोजित की जाएगी। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से संपन्न होगी, जिससे पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा।
अधिसूचना के अनुसार ई-नीलामी की प्रक्रिया 1 जनवरी 2026 से प्रारंभ हो चुकी है। इच्छुक बोलीदाता 1 जनवरी से 22 जनवरी 2026 तक यूजर आईडी पंजीकरण, आवश्यक दस्तावेज अपलोड, अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (ईएमडी) तथा ई-सर्विस शुल्क जमा कर सकते हैं। सभी भुगतान और आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे।
मुख्य बोली प्रक्रिया 28 जनवरी 2026 को प्रातः 10 बजे से आरंभ होगी और नीलामी समाप्ति तक जारी रहेगी। सबसे अधिक बोली लगाने वाले बोलीदाता को नीलामी समाप्त होने के 24 घंटे के भीतर प्रारंभिक बोली सुरक्षा राशि जमा करनी होगी, जो कि बोली मूल्य में से ईएमडी घटाने के बाद शेष राशि होगी।
इस ई-नीलामी में कुल पांच खनन इकाइयों को शामिल किया गया है, जिनमें डूंगरपुर–शिकारगाह, लतीफपुर–दुलेहपुर, भिकुका–जाफरपुर माजरा, छायंसा (उत्तर) तथा छायंसा (दक्षिण) क्षेत्र शामिल हैं। इन इकाइयों का कुल खनन क्षेत्र लगभग 538.44 एकड़ तथा कुल खनिज रियायत क्षेत्र 582.49 एकड़ निर्धारित किया गया है। इन सभी के लिए कुल आरक्षित मूल्य 104.82 करोड़ रुपये तय किया गया है।
डूंगरपुर–शिकारगाह खनन इकाई का आरक्षित मूल्य 12.24 करोड़ रुपये रखा गया है, जिसकी अवधि 10 वर्ष होगी। लतीफपुर–दुलेहपुर इकाई के लिए 35.25 करोड़ रुपये, भिकुका–जाफरपुर माजरा के लिए 4.21 करोड़ रुपये, छायंसा उत्तर के लिए 27.46 करोड़ रुपये तथा छायंसा दक्षिण के लिए 25.46 करोड़ रुपये का आरक्षित मूल्य निर्धारित किया गया है। इन अनुबंधों की अवधि 8 से 10 वर्ष के बीच रहेगी।
अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि खनन अनुबंध की अवधि पर्यावरणीय स्वीकृति (ईसी) एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से संचालन की सहमति (सीटीओ) प्राप्त होने की तिथि से प्रभावी मानी जाएगी। यदि निर्धारित समय-सीमा में आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त नहीं होती हैं, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
खान एवं भूविज्ञान निदेशालय ने इच्छुक बोलीदाताओं से अपील की है कि वे ई-नीलामी पोर्टल पर उपलब्ध दिशा-निर्देशों और मैनुअल का सावधानीपूर्वक अध्ययन कर सभी शर्तों का पालन करते हुए समय पर आवेदन करें। यह ई-नीलामी प्रदेश में रेत की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करने, राजस्व में वृद्धि करने तथा अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
