उपायुक्त अखिल पिलानी ने जोखिमग्रस्त स्थानों की पहचान व सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
– जनहित एवं जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जारी की गई है एडवाइजरी
City24News/अनिल मोहनिया
नूंह | जिला नूंह में जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उपायुक्त अखिल पिलानी ने सभी संबंधित सरकारी विभागों, कार्यदायी एजेंसियों, अधिकारियों एवं ठेकेदारों को जोखिमग्रस्त एवं दुर्घटनाप्रवण स्थानों की तत्काल पहचान कर वहां आवश्यक चेतावनी संकेतक, सुरक्षा प्रबंध एवं बचाव तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।
उपायुक्त ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं, जनहानि एवं अन्य आकस्मिक घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से यह एडवाइजरी जारी की गई है। इसके तहत जिले में दुर्घटनाप्रवण सड़क खंड, तीखे मोड़, कोहरे या कम दृश्यता वाले क्षेत्र, खुले अथवा जलभराव वाले गड्ढे, निर्माण व खुदाई स्थल, अधूरे कार्य तथा अन्य सभी संभावित खतरनाक स्थानों की प्राथमिकता के आधार पर पहचान की जाएगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि चिन्हित किए गए सभी जोखिमग्रस्त स्थलों पर मानक चेतावनी एवं सावधानी संकेतक तुरंत लगाए जाएं। यह संकेतक द्विभाषी, परावर्तक तथा दिन व रात दोनों समय स्पष्ट रूप से दिखाई देने योग्य होने चाहिए। निजी स्थलों पर भी संबंधित मालिकों अथवा प्रभारियों को सुरक्षा संकेतक लगाने तथा किसी भी खतरनाक स्थिति को बिना चेतावनी के न छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।
उपायुक्त अखिल पिलानी ने कहा कि संबंधित अभियंता एवं साइट प्रभारी खतरनाक स्थानों पर बैरिकेडिंग या फेंसिंग, पर्याप्त रोशनी व चेतावनी लाइटों की व्यवस्था तथा खुले या परित्यक्त गड्ढों को सुरक्षित ढंग से ढकने जैसे निवारक एवं सुधारात्मक उपाय तत्काल सुनिश्चित करें। किसी भी असुरक्षित या लापरवाहीपूर्ण स्थिति को गंभीर चूक माना जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्यों के मामलों में सुरक्षा एवं अनुपालन की जिम्मेदारी संबंधित कनिष्ठ अभियंता, उप मंडलीय अधिकारी, कार्यकारी अभियंता एवं कार्यदायी ठेकेदार की होगी, जबकि निजी भूमि अथवा स्थलों पर यह जिम्मेदारी मालिक अथवा अधिभोगी की रहेगी।
बचाव एवं आपातकालीन तैयारियों के संबंध में जिला राजस्व अधिकारी को जिला स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो पुलिस विभाग, अग्निशमन सेवा, स्वास्थ्य विभाग, सिविल डिफेंस एवं अन्य विभागों के साथ समन्वय कर आवश्यक जनशक्ति, उपकरण एवं त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। वहीं पुलिस अधीक्षक को दुर्घटनाप्रवण स्थलों पर यातायात नियंत्रण, डायवर्जन एवं प्रवर्तन के निर्देश दिए गए हैं।
उपायुक्त ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे फील्ड स्तर पर इन उपायों की सतत निगरानी करें तथा जोखिमग्रस्त स्थलों की पहचान एवं की गई निवारक कार्रवाइयों की संक्षिप्त रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर जिला प्रशासन को प्रस्तुत करें। उप मंडलीय मजिस्ट्रेट अपने-अपने क्षेत्र में अनुपालन की समीक्षा करेंगे।
उपायुक्त अखिल पिलानी ने कहा कि यह एडवाइजरी जनहित एवं जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जारी की गई है और इसका अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए। किसी भी प्रकार की टालमटोल या लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।
