अतिरिक्त उपायुक्त प्रदीप सिंह मलिक ने गांव बझेड़ा में नवनिर्मित रोजगार प्रशिक्षण केंद्र का किया उद्ïघाटन
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एडीसी ने युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए गांव में दो वॉलीबाल कोर्ट बनवाने की घोषणा भी की
City24news/अनिल मोहनिया
नूंह । अतिरिक्त उपायुक्त प्रदीप सिंह मलिक ने मंगलवार को जिला नूंह मुख्यालय के करीब स्थित गांव बझेड़ा में नवनिर्मित रोजगार प्रशिक्षण केंद्र का उद्ïघाटन किया। उन्होंने इस केंद्र को इलाके के युवाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण बताते हुए आह्वïान किया कि युवाओं को इसका लाभ उठाना चाहिए। एडीसी ने इस मौके पर युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए गांव में दो वॉलीबाल कोर्ट बनवाने की घोषणा भी की।
अतिरिक्त उपायुक्त प्रदीप सिंह मलिक ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि जिला नूंह के युवाओं के लिए यह केंद्र नई रोशनी की तरह साबित होगा। यहां युवाओं को नौकरियों के लिए होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी नि:शुल्क करवाई जाएगी। इस पहल का उद्देश्य गांव के युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए उन्हें सशक्त करना है।
इससे पहले सेंटर फॉर इनोवेशन इन पब्लिक पॉलिसी, ए थिंक एंड डू टैंक के सीईओ के यतीश राजावत ने एडीसी व अन्य उपस्थित लोगों को स्वागत करते हुए कहा कि यह केंद्र युवाओं को अग्निवीर, राजस्व और रेल विभाग की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद करेगा और यहां गांव की महिलाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण देकर आजीविका अर्जित करने का अवसर मिलेगा। उनके अनुसार केंद्र में एक अलग सुविधा बनाई जा रही है, जहां ब्यूटीशियन कोर्स सिखाया जाएगा। ये सभी कौशल न केवल रोजगार पाने में सहायक होंगे बल्कि सूक्ष्म उद्यम शुरू करने के लिए भी उपयोगी सिद्ध होंगे। इस रोजगार प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना सेंटर फॉर इनोवेशन इन पब्लिक पॉलिसी (सीआईपीपी) की ओर से की गई है। रीड इंडिया की सीईओ गीता मल्होत्रा ने युवाओं में पढ़ने और सीखने की आदत डालने को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि समाज में पुस्तकालयों की अहम भूमिका होती है। उन्होंने कहा यह केंद्र युवाओं में शिक्षा के विस्तार संबंधी नए आयाम स्थापित करेगा।
गौरतलब है कि सेंटर फॉर इनोवेशन इन पब्लिक पॉलिसी (सीआईपीपी) एक थिंक-एंड-डू टैंक है। इसका मिशन सबसे बड़े सार्वजनिक हित के लिए सर्वोत्तम कार्यान्वयन योग्य समाधान तैयार करना है। सीआईपीपी सरकार, नियामकों, सिविल सोसाइटी, व्यवसायों और समाधान निर्माताओं को एक साथ लाकर नागरिक-केंद्रित नीति परिणामों में सुधार करने का प्रयास करता है।