उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की समीक्षा बैठक आयोजित
– एससी/एसटी मामलों में त्वरित सहायता व पंचायत प्रोत्साहन योजनाओं पर दिए निर्देश
– अनुसूचित जातियों/जनजातियों के कल्याण हेतु नवाचार या अभिनव कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों को दी जाएगी 50 हजार रुपये की वित्तीय सहायता
City24News/अनिल मोहनिया
नूंह | उपायुक्त अखिल पिलानी की अध्यक्षता में बुधवार को कॉन्फ्रेंस हॉल में जिला स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपायुक्त द्वारा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के अंतर्गत दर्ज मामलों में पीड़ितों को नियमानुसार त्वरित आर्थिक सहायता राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्ग कल्याण तथा अन्त्योदय (एससी/डीएसपी) विभाग, हरियाणा द्वारा नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 के अंतर्गत संचालित पंचायत प्रोत्साहन योजना की भी समीक्षा की गई। इस योजना के तहत अनुसूचित जातियों/जनजातियों के कल्याण हेतु नवाचार या अभिनव कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों को 50 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। योजना की शर्तों के अनुसार संबंधित ग्राम पंचायत में पिछले दो वर्षों के दौरान अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत कोई भी अत्याचार का मामला दर्ज नहीं होना चाहिए।
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि पंचायत प्रोत्साहन हेतु प्रस्ताव खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी के माध्यम से कार्यालय जिला कल्याण अधिकारी, देहली अलवर रोड, नजदीक मलिक हॉस्पिटल/पुरानी टीवीएस बाइक एजेंसी, नूंह में समय पर भिजवाना सुनिश्चित किया जाए।
इसके अतिरिक्त, नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 के अंतर्गत कानूनी सहायता योजना के तहत अनुसूचित जाति के व्यक्तियों को भूमि से बेदखल किए जाने, जमींदारों द्वारा शोषण से सुरक्षा तथा सेवाओं में आरक्षण आदि से संबंधित मामलों में पैरवी के लिए 22 हजार रुपये तक की कानूनी सहायता उपलब्ध कराए जाने की जानकारी भी दी गई।
बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों को योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने तथा पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर डीएसपी पृथ्वी सिंह, जिला कल्याण अधिकारी अनिल कुमार, महिला एवं बाल विकास अधिकारी सीमा प्रसाद, जिला न्यायवादी अमरनाथ, मोहम्मदी, शाहिना खातून गैर सरकारी सदस्य मौजूद रहे।
