इलाका-ए-मेवात में सामाजिक सुधार की नई पहल,उटावड़ मरकज़ में मुशावरती पंचायत का आयोजन।
City24News/अनिल मोहनिया
नूंह | इलाका-ए-मेवात में सामाजिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आज उटावड़ मरकज़ में सामाजिक बुराइयों के खिलाफ एक अहम मुशावरती पंचायत का आयोजन किया गया। इस पंचायत की सदारत छिरकलोत पाल की 21 सदस्यीय अध्यक्ष मंडल ने की। पंचायत का मुख्य उद्देश्य समाज में गहराती सामाजिक बुराइयों पर खुलकर मंथन करना और उनके स्थायी समाधान की राह तलाशना रहा।
पंचायत में विशेष रूप से पाँच प्रमुख मुद्दों पर गंभीर विचार-विमर्श किया गया। इनमें दहेज प्रथा और उससे रिश्तों में पैदा हो रहा तनाव, गोकशी व गौ-तस्करी, समाज में तेज़ी से फैलता नशा, बढ़ते हुए साइबर अपराध तथा सोशल मीडिया पर परोसी जा रही अश्लीलता शामिल रहे। वक्ताओं ने कहा कि ये समस्याएँ न केवल सामाजिक ताने-बाने को कमजोर कर रही हैं, बल्कि युवाओं के भविष्य को भी प्रभावित कर रही हैं। इन बुराइयों के खिलाफ सामूहिक जागरूकता और ठोस सामाजिक कदम उठाना समय की मांग है।
इसके अतिरिक्त पंचायत में कई अन्य सामाजिक कुरीतियों को भी चिन्हित किया गया। इनमें डीजे पर पाबंदी, सट्टेबाज़ी, धूल-गोला, बारात की संख्या सीमित करना, कम मेहर की मिक़दार तय करना, लड़कियों की मीरास (विरासत) की तकसीम सुनिश्चित करना तथा झूठे व नाजायज़ मुक़दमे बनवाने जैसी प्रवृत्तियों पर अंकुश लगाने जैसे मुद्दे शामिल रहे। साथ ही दीनी और दुनियावी तालीम की बेदारी पर विशेष जोर दिया गया, ताकि समाज में शिक्षा के माध्यम से सकारात्मक बदलाव लाया जा सके।
मुशावरे के बाद सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया कि 15 फ़रवरी को इसी सिलसिले में उटावड़ मरकज़ में एक महापंचायत आयोजित की जाएगी। इस महापंचायत को सफल बनाने के लिए एक आयोजक समिति का गठन किया गया है, जिसमें फिलहाल 21 सदस्य शामिल हैं। आवश्यकता अनुसार इस समिति का विस्तार कर इसे सैकड़ों सदस्यों तक बढ़ाया जा सकता है।
अध्यक्ष मंडल द्वारा एक नीति-निर्धारण समिति और एक सचिवालय का गठन भी किया जाएगा, जो इन तमाम सामाजिक बुराइयों के उन्मूलन हेतु ठोस नीतियाँ तैयार कर उनके क्रियान्वयन में सहयोग करेंगे। इसके साथ ही बचे हुए मुद्दों और सुझावों के लिए एक नंबर सिस्टम मंच उपलब्ध कराया जाएगा, जिस पर पंचायत से तीन दिन पूर्व तक समाज के लोगों से विचार आमंत्रित किए जाएंगे।
महापंचायत को कामयाब बनाने के उद्देश्य से अध्यक्ष मंडल और सचिवालय द्वारा गांव-गांव जाकर पंचायतें और नुक्कड़ सभाएं आयोजित की जाएंगी, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इस मुहिम से जोड़ा जा सके।
यह पंचायत इस बात का स्पष्ट संदेश देती है कि यदि समाज संगठित होकर सोचने और बोलने का साहस करे, तो हर सामाजिक बुराई के खिलाफ मजबूत आवाज़ उठाई जा सकती है। इत्तेहाद, इंसाफ़ और इस्लाह—यही इस मुहिम की असली रूह है, जो मेवात को सामाजिक जागरूकता और सुधार की नई दिशा की ओर अग्रसर कर रही है।
इस पंचायत में मौलाना याहया करीमी, विधायक चौधरी इसराईल, विधायक आफताब अहमद, विधायक मामन खान इंजिनियर, पूर्व विधायक हबीबुर्रहमान, हाजी आस मोहम्मद पूर्व सरपंच, हाजी अख्तर पूर्व सरपंच, सामाजिक कार्यकर्ता रमजान चौधरी, इतिहासकार सद्दीक अहमद मेव, चौधरी कासम, चौधरी रफीक, हिदायत कमांडो, खूबी सरपंच, हनीफ सरपंच, दीन मोहम्मद मामलीका, मौलाना नासिर उटावड़ सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
