मनचलों के हौसले बुलंद, बालिका शिक्षा वाहिनी बस रोककर चालक पर जानलेवा हमला, छात्राओं में दहशत।
City24News/अनिल मोहनिया
नूंह | नूंह जिले में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है। असामाजिक तत्वों ने बालिका शिक्षा वाहिनी बस को रास्ते में रोककर न केवल बस में तोड़फोड़ की, बल्कि चालक पर जानलेवा हमला भी कर दिया। इस घटना से बस में सवार 9वीं, 10वीं और 12वीं कक्षा की छात्राएं बुरी तरह सहम गईं।
बुधवार को हरियाणा रोडवेज की बालिका शिक्षा वाहिनी बस स्कूल से छुट्टी के बाद छात्राओं को लेकर मांडीखेड़ा की ओर जा रही थी। आरोप है कि पिछले कई दिनों से तीन-चार युवक कार में सवार होकर बस का पीछा कर रहे थे और छात्राओं की ओर अशोभनीय इशारे कर रहे थे। चालक और परिचालक इस हरकत से पहले से ही परेशान थे।
घटना के दिन भी वही युवक मांडीखेड़ा से बस के पीछे लग गए। जब बस नाई नगला और कुलताजपुर कलां गांव के बीच पहुंची, तो आरोपियों ने बस को जबरन रुकवाने की कोशिश की। चालक द्वारा बस न रोकने पर उन्होंने बस का शीशा तोड़ दिया और सरिया से चालक के सिर पर हमला कर दिया। हमले में चालक तोफिक अहमद गंभीर रूप से घायल हो गया। बस में अचानक हुई इस घटना से छात्राओं में अफरा-तफरी मच गई और वे भयभीत हो गईं।
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मांडीखेड़ा के अध्यापक सईद अहमद मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि प्राथमिकता के आधार पर छात्राओं को सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचाया गया। घायल चालक का मेडिकल करवाकर नगीना थाने में आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है।
परिचालक अंजी कुमार ने आरोप लगाया कि ये युवक रोजाना बस का पीछा कर छात्राओं में भय का माहौल बनाते थे। घटना के बाद कुलताजपुर कलां गांव में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
स्थानीय सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों का कहना है कि छात्राओं की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों की जल्द पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।
यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि बालिका शिक्षा की सुरक्षा व्यवस्था को भी चुनौती देती है। जरूरत है कि प्रशासन सख्ती से कदम उठाए और छात्राओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करे, ताकि वे बिना भय के अपनी शिक्षा जारी रख सकें।
