केंद्रीय बजट Reforms over Rhetoric का जीवंत उदाहरण है: विपुल गोयल
सिटी24न्यूज/संजय शर्मा
फरीदाबाद। हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं फरीदाबाद विधायक विपुल गोयल ने आज सेक्टर-16 स्थित सागर सिनेमा कार्यालय में केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस केंद्रीय बजट में किए गए सुधारों तथा हरियाणा एवं विशेष रूप से फरीदाबाद को मिलने वाले बजटीय लाभों पर केंद्रित रही।
विपुल गोयल ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 केवल भाषणों और नारों पर आधारित नहीं है बल्कि काम करके दिखाने की सोच का स्पष्ट उदाहरण है इस बजट की मूल भावना Reforms over Rhetoric है, यानी बयानबाज़ी नहीं बल्कि ठोस और ज़मीन पर दिखने वाले सुधार। सरकार का स्पष्ट मानना है कि जब तक नीतियों का असर आम नागरिक के जीवन में नज़र न आए, तब तक सुधार अधूरे रहते हैं इसी सोच के साथ यह बजट भारत को तेज़, टिकाऊ और समावेशी विकास की दिशा में आगे बढ़ाने का स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करता है।
उन्होंने कहा कि बजट में विकास और वित्तीय अनुशासन के बीच संतुलन साफ़ दिखाई देता है वर्ष 2026-27 में फिस्कल डेफिसिट को जीडीपी के लगभग 4.3 से 4.4 प्रतिशत के दायरे में रखा गया है जो जिम्मेदार आर्थिक प्रबंधन को दर्शाता है ₹12.2 लाख करोड़ का सार्वजनिक पूंजीगत व्यय इस बात का प्रमाण है कि यह बजट केवल खर्च का नहीं बल्कि भविष्य की मजबूत नींव रखने वाला बजट है।
विपुल गोयल ने कहा कि सरकार भारत को केवल उपभोक्ता बाज़ार नहीं बल्कि वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग पावर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है बायोफार्मा, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, केमिकल, रेयर अर्थ और क्रिटिकल मिनरल से जुड़े निवेश भारत की रणनीतिक आत्मनिर्भरता को मज़बूत करेंगे और आयात निर्भरता को कम करेंगे उन्होंने कहा कि छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए यह बजट केवल सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यवस्था सुधार का माध्यम है। SME Growth Fund और अतिरिक्त वित्तीय सहायता से छोटे कारोबारी आगे बढ़ेंगे जबकि अनुपालन प्रक्रियाओं को सरल बनाकर छोटे शहरों और कस्बों में व्यापार करना आसान होगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर को अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए उन्होंने कहा कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, नए नेशनल वाटरवेज़, कोस्टल कार्गो प्रमोशन और इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी जैसे प्रावधान लॉजिस्टिक्स लागत घटाने, निजी निवेश को सुरक्षित करने और बड़े प्रोजेक्ट्स को तेज़ी से ज़मीन पर उतारने में सहायक होंगे इससे रोज़गार सृजन और व्यापारिक गतिविधियों को सीधा लाभ मिलेगा।
शहरी विकास और कनेक्टिविटी पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि अब शहर केवल रहने की जगह नहीं रहेंगे बल्कि आर्थिक विकास के केंद्र बनेंगे। हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से व्यापार, पर्यटन और सेवा क्षेत्र को नई गति मिलेगी। शिक्षा को रोज़गार और उद्यमिता से जोड़ने की सोच यह सुनिश्चित करेगी कि युवा केवल डिग्री धारक नहीं बल्कि कुशल पेशेवर और उद्यमी बनें।
कृषि और ग्रामीण भारत के संदर्भ में विपुल गोयल ने कहा कि बजट में आधुनिक तकनीक AI आधारित सलाह, जल संसाधनों के विकास, पशुपालन, डेयरी और बाज़ार से जुड़ाव पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त होगी। महिलाओं के लिए स्वयं सहायता समूहों, SHE-Marts और उद्यमिता आधारित योजनाएं उन्हें आर्थिक निर्णय लेने वाली शक्ति बनाएंगी यह बजट सामाजिक समावेशन और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण है। मानसिक स्वास्थ्य, आपातकालीन सेवाओं और ट्रॉमा केयर के विस्तार से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। डिजिटल अर्थव्यवस्था, IT सेवाओं और डेटा सेंटर से जुड़े प्रावधान भारत को वैश्विक डिजिटल हब बनाने की दिशा में निर्णायक कदम हैं।
हरियाणा के संदर्भ में विपुल गोयल ने कहा कि यह बजट राज्य के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। फरीदाबाद, गुरुग्राम, सोनीपत, पानीपत, रेवाड़ी, रोहतक और हिसार जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को नए निवेश का लाभ मिलेगा। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और बेहतर कनेक्टिविटी से NCR से जुड़ाव मज़बूत होगा, जिससे उद्योग, व्यापार, रियल एस्टेट और सेवा क्षेत्र को नई ऊर्जा मिलेगी। कृषि, खेल, महिला सशक्तिकरण और कौशल विकास के क्षेत्र में भी हरियाणा के युवाओं और किसानों के लिए नए अवसर सृजित होंगे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में विपुल गोयल ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026–27 नारे नहीं, बल्कि नतीजे देने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह बजट हरियाणा जैसे औद्योगिक, कृषि और युवा राज्य के लिए रोज़गार, निवेश और समृद्धि के नए द्वार खोलता है और विकसित भारत की दिशा में एक मजबूत कदम सिद्ध होगा।
