कनीना विकास खंड में आई ‘पीले सोने’ की बहार

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-18 हजार हेक्टेयर में सरसों तथा नो हेक्टेयर रकबे में खडी है गेहूं की फसल
City24News/सुनील दीक्षित

कनीना | कनीना विकास खंड में इस बार गेहूं की बजाय ‘पीला सोना’ कहे जाने वाली फसल सरसों की बुआई अधिक रकबे में की गई है जिसमें बूंदाबांदी के बाद बाहर आई हुई है। हाल ही में हुई बूंदाबांदी के बाद सरसों की बेहतर फसल खड़ी होने से किसान खुश मिजाज हैं। फिलहाल सरसों पर पीले फूल खिलने से धरती पीत रंग में रंगी हुई प्रतीत हो रही है। कृषि विभाग के उपमंडल अधिकारी डॉ अजय यादव ने बताया कि कनीना खंड में करीब 33 हजार हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि में से करीब 18 हजार हेक्टेयर भूमि पर सरसों की बिजाई की गई है जबकि उससे आधे रकबे, करीब 9 हजार हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की बिजाई मानी जा रही है। बाकी रक्बे में आलू, मटर, गाजर, मूली, हरी मिर्च, चना,जौ व हरा चारा की पैदावार की गई है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में दिन के समय बादलवाई एवं पहाड़ी क्षेत्र में बर्फबारी होने से रात्रि के तापमान में गिरावट आई है जबकि दिन का तापमान अधिक माना जा रहा है। इस दौरान किसान फसल में हल्की सिंचाई कर सकते हैं।  

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