नूंह में मौसम ने ली अचानक करवट, तेज बारिश से किसानों के चेहरे खिले।
City24News/अनिल मोहनिया
नूंह | नूंह जिले में मंगलवार को मौसम ने अचानक करवट लेते हुए तेज बारिश दर्ज की गई। सुबह से आसमान में घने बादल छाए रहे और दोपहर बाद हुई झमाझम बरसात ने पूरे इलाके का मौसम सुहावना बना दिया।
बारिश के साथ ठंड में भी इजाफा हो गया है, जिसके चलते लोग अलाव का सहारा लेते नजर आए।
हालांकि ठंड बढ़ने से आमजन को थोड़ी असुविधा जरूर हो रही है, लेकिन किसानों के लिए यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं मानी जा रही।
ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के चेहरों पर खुशी साफ देखी गई। उनका कहना है कि इस समय की बारिश फसलों के लिए बेहद लाभदायक होती है। खासकर गेहूं, सरसों और चने जैसी रबी की फसलों के लिए यह पानी अमृत समान माना जाता है।
इलाके के मुजाहिद ,आज़म खान का मानना है कि इस मौसम में होने वाली बारिश में प्राकृतिक कैल्शियम जैसे तत्व होते हैं, जो जमीन की उर्वरता बढ़ाने में सहायक होते हैं।
उनका कहना है कि यदि बारिश के साथ ओलावृष्टि न हो तो यह “सोने वाली बरसात” साबित होती है। मेवाती भाषा में भी ऐसी लाभदायक वर्षा को ‘सोने वाली बरसात’ कहा जाता है, जो पूरे साल के लिए खुशहाली का संदेश लेकर आती है।
कृषि विशेषज्ञों का भी मानना है कि समय पर हुई यह वर्षा फसलों की बढ़वार के लिए महत्वपूर्ण है। इससे सिंचाई पर खर्च कम होगा और उत्पादन में वृद्धि की संभावना बढ़ेगी। हालांकि ठंड में बढ़ोतरी से कुछ दिनों तक जनजीवन प्रभावित रह सकता है, लेकिन यह ठंड भी फसलों के लिए जरूरी मानी जाती है।
कुल मिलाकर, नूंह जिले में हुई यह बारिश किसानों, व्यापारियों और आम जनता के लिए लंबे समय में फायदेमंद साबित होने की उम्मीद है। यदि मौसम इसी प्रकार संतुलित बना रहता है और ओलावृष्टि जैसी कोई विपरीत स्थिति नहीं बनती, तो यह वर्षा जिले की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
