सूखा पाला जमने से सरसों की फसल में होने लगी नुकसान की संभावना
-पश्चिमी विक्षोभ के चलते 27-28 को हो सकती है हल्की बारिश
City24News/सुनील दीक्षित
कनीना | बीते शुक्रवार को कनीना क्षेत्र में रूक-रूक कर हुई एमएम बारिश तथा पहाड़ी क्षेत्र में हुई बर्फबारी व शीतलहर के चलते सामान्य जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। रात्रि का तापमान 4 डिग्री तथा दिन का तापमान 12 डिग्री दर्ज किया गया। क्षेत्र में लगातार दूसरे दिन सूखा पाला जमने से सरसों की फसल में नुकसान की संभावना बनने लगी है। रविवार सुबह गुढा गांव में जमे पाले को लेकर किसान चिंतित हो गए। दूर तक बर्फबारी होने से फसल में भी नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। दूसरी ओर मौसम विभाग की ओर से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से 27-28 जनवरी को हल्की बारिश की संभावना जताई जा रही है वहीं शीत लहर से भी इस माह छुटकारा मिलने की उम्मीद नहीं है। माना जा रहा है कि रबी फसल बिजाई के बाद हाल ही में पहली हलकी बरसात हुई है जिससे मौसम में ठंडक बनी है। कनीना विकास खंड में करीब 33 हजार हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि में से करीब 18 हजार हेक्टेयर भूमि पर सरसों तथा करीब 9 हजार हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की बिजाई की गई है। शेष रक्बे में आलू, मटर, गाजर, मूली, हरी मिर्च, चना,जौ व हरा चारा की पैदावार की गई है। कृषि विभाग के एसडीओ अजय सिंह ने बताया कि बारिश के चलते क्षेत्र में दिन व रात्रि के तापमान में गिरावट आई है। उन्होने बताया कि हरियाणा के कई जिलों में बारिश ने ठंडक ला दी है। गणतंत्र दिवस के मौके पर भी 30 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से शीतलहर चलने की संभावना है।
कनीना-रविवार सुबह गुढा गांव में जमे पाले का दृष्य।
