कुरुक्षेत्र में 6 फरवरी से 8 फरवरी 2026 तक होगा 41वीं राज्य स्तरीय पशु प्रदर्शनी मेले का आयोजन
City24News/अनिल मोहनिया
नूंह | उपायुक्त अखिल पिलानी ने बताया कि पशुपालन एवं डेयरी विभाग, हरियाणा सरकार, पंचकूला द्वारा विकास बोर्ड मेला ग्राउंड, कुरुक्षेत्र में 6 फरवरी से 8 फरवरी 2026 तक तीन दिवसीय 41वीं राज्य स्तरीय पशु प्रदर्शनी मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस राज्य स्तरीय पशु प्रदर्शनी मेले में हरियाणा के मुख्यमंत्री बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे।
उन्होंने बताया कि इस मेले में पशुपालकों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला नूंह से प्रतिदिन दो-दो बसों के माध्यम से पशुपालकों एवं किसानों को निःशुल्क मेला स्थल तक ले जाया जाएगा। इस राज्य स्तरीय पशु प्रदर्शनी में प्रदेश के विभिन्न जिलों से लगभग 1500 पशु भाग लेंगे, जिनमें गाय, भैंस, भेड़, बकरी, ऊंट, घोड़े आदि पशुओं की 53 उत्कृष्ट एवं उन्नत नस्लों को प्रदर्शित किया जाएगा।
उपायुक्त ने बताया कि मेले के दौरान पशुपालकों के ज्ञानवर्धन हेतु विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे। जिन पशुपालकों के पास उत्तम नस्ल के पशु हैं, वे अपने नजदीकी पशु अस्पताल में संपर्क कर अपने पशुओं का पंजीकरण करवा सकते हैं। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट नस्लों के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले पशुपालकों को राज्य सरकार द्वारा नकद इनाम दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, पशु प्रदर्शनी में भाग लेने वाले पशुपालकों को विभाग द्वारा निर्धारित दरों के अनुसार किराया भी प्रदान किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस मेले में प्रतिदिन लगभग 20 हजार दर्शकों के भाग लेने की संभावना है। इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य पशुपालकों को उन्नत नस्लों, आधुनिक पशुपालन तकनीकों तथा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना है। हरियाणा सरकार पशुपालकों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने तथा पशुधन की गुणवत्ता में सुधार के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उपायुक्त ने बताया कि पशुपालन विभाग द्वारा संचालित योजनाएं जैसे नस्ल सुधार कार्यक्रम, डेयरी विकास योजनाएं, पशु स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण अभियान एवं सब्सिडी आधारित सुविधाएं पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक सिद्ध हो रही हैं। मेले के दौरान इन सभी योजनाओं की जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध करवाई जाएगी, ताकि पशुपालक इनका अधिक से अधिक लाभ उठा सकें।
इस अवसर पर उप निदेशक पशुपालन डा. वीरेंद्र सहरावत ने बताया कि पशु प्रदर्शनी में उच्च नस्ल के पशुओं की विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले पशुओं के मालिकों को नकद इनाम राशि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही लकी ड्रा के माध्यम से प्रतिभागियों को मोटरसाइकिल, ट्रैक्टर आदि आकर्षक पुरस्कार मौके पर वितरित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य उत्तम किस्म के पशुओं का प्रदर्शन कर उनकी नस्ल सुधार के लिए पशुपालकों को प्रेरित करना, दूध उत्पादन में वृद्धि करना तथा किसानों की आय बढ़ाना है। साथ ही पशुपालकों को पशुपालन से संबंधित देश-विदेश की नवीन तकनीकों से भी अवगत कराया जाएगा।
उपायुक्त ने जिला के सभी पशुपालकों से अपील की है कि वे इस राज्य स्तरीय पशु प्रदर्शनी में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें। पशुपालक अपने पशुओं के पंजीकरण अथवा मेले के अवलोकन हेतु अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय/पशु अस्पताल में संपर्क कर अपना नाम दर्ज करवा सकते हैं।
