पैरोल उल्लंघन पर सख्त रुख: फरार कैदी को नूंह कोर्ट से 2 साल की अतिरिक्त सजा
City24News/अनिल मोहनिया
नूंह | नूंह जिले में पैरोल नियमों का उल्लंघन कर फरार हुए एक सिद्धदोषी कैदी को अदालत ने कड़ा संदेश देते हुए अतिरिक्त सजा सुनाई है।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट छवि गोयल की अदालत ने आरोपी कैदी जमशेद पुत्र उमर मोहम्मद, निवासी गांव शिकारपुर, थाना सदर तावडू, जिला नूंह को हरियाणा गुड कंडक्ट प्रिजनर्स एक्ट के तहत दोषी करार देते हुए दो वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
इसके साथ ही उस पर 500 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में उसे एक माह की अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतनी होगी।
एएसपी नूंह आयुष यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि जमशेद पहले से ही एक गंभीर आपराधिक मामले में सजा काट रहा था।
वर्ष 2019 में थाना सदर तावडू में दर्ज बलात्कार के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र पाल की अदालत ने 15 नवंबर 2022 को उसे 10 वर्ष की कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। इस सजा के तहत वह जिला जेल नूंह में बंद था।
जेल रिकॉर्ड के अनुसार 13 जून 2024 को कैदी जमशेद को 10 सप्ताह की नियमित पैरोल पर रिहा किया गया था। पैरोल के दौरान उसे स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि वह 23 अगस्त 2024 को अनिवार्य रूप से जेल में आत्मसमर्पण करेगा, लेकिन निर्धारित तिथि के बाद भी वह लगातार गैरहाजिर रहा और जेल वापस नहीं लौटा।
पैरोल शर्तों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए जेल अधीक्षक नूंह ने 1 सितंबर 2024 को थाना सदर तावडू को पत्र लिखकर कैदी के खिलाफ मामला दर्ज करने और उसे गिरफ्तार कर पुनः जेल भेजने का अनुरोध किया। इसके आधार पर पुलिस ने 3 सितंबर 2024 को संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया।
मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट छवि गोयल की अदालत ने 20 जनवरी को दोष सिद्धि वारंट जारी करते हुए सजा का ऐलान किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह दो वर्ष की सजा कैदी को पहले से चल रही 10 वर्ष की सजा के अतिरिक्त भुगतनी होगी।
अदालती आदेश के बाद कैदी को जिला जेल नूंह में सुपुर्द कर दिया गया है, जहां वह अब अपनी मूल सजा के साथ-साथ पैरोल उल्लंघन की इस अतिरिक्त सजा को भी काटेगा। अदालत के इस फैसले को पैरोल नियमों के उल्लंघन के मामलों में एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
