नाबालिग से बलात्कार के दोषी को 10 साल की सजा, 33 हजार रुपये जुर्माना

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City24News/अनिल मोहनिया
नूंह | नूंह जिले की विशेष पोक्सो अदालत ने नाबालिग लड़की से बलात्कार के एक गंभीर मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर कुल 33 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

यह फैसला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. आशु संजीव तिंजन की अदालत द्वारा सुनाया गया, जो पोक्सो एक्ट के तहत गठित फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट में कार्यरत हैं।

अदालत में दी गई जानकारी के अनुसार यह मामला मई 2022 का है। पीड़िता के पिता ने थाना नगीना में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि आरोपी फैसल उर्फ रफेदीन उर्फ लाला ने उनकी नाबालिग बेटी का अपहरण कर उसके साथ जबरदस्ती बलात्कार किया और जान से मारने की धमकी दी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 363 (अपहरण), 366 (विवाह या अवैध संबंध के लिए अपहरण), 506 (आपराधिक धमकी) तथा पोक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत मामला दर्ज किया। जांच के दौरान पुलिस ने ठोस सबूत जुटाए और आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।

एएसपी आयुष यादव ने बताया कि करीब तीन वर्षों तक चली सुनवाई के बाद 16 जनवरी 2026 को अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया। सजा के तहत पोक्सो एक्ट की धारा 4 में 10 साल की कठोर कैद और 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। अन्य धाराओं में भी अलग-अलग सजाएं और जुर्माने निर्धारित किए गए हैं, हालांकि अदालत ने सभी सजाएं एक साथ चलाने के आदेश दिए हैं।

इसके अलावा अदालत ने आरोपी द्वारा पहले से न्यायिक हिरासत में बिताए गए समय को सजा की अवधि में समायोजित करने का भी निर्देश दिया है। अभियोजन पक्ष ने मजबूत साक्ष्यों और प्रभावी दलीलों के आधार पर आरोपी का अपराध सिद्ध किया, जिसके चलते अदालत ने यह सख्त फैसला सुनाया।

यह निर्णय नाबालिगों के खिलाफ अपराधों पर सख्त कार्रवाई का स्पष्ट संदेश देता है और पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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