कार्यालयों में महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने के लिए आईसीसी का करें गठन – उपायुक्त अखिल पिलानी

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-कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध व निवारण) अधिनियम पर प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित
-सभी विभागों को कमेटी के गठन व उसके कर्तव्य, दायित्व के संबंध में दी गई जानकारी
City24News/अनिल मोहनिया

नूंह | उपायुक्त अखिल पिलानी ने कहा कि सरकारी कार्यालयों व संगठित और असंगठित क्षेत्रों में कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 के तहत महिलाओं को यौन उत्पीड़न से बचाने, शिकायत निवारण प्रदान करने व मुद्दों की जांच के लिए आंतरिक शिकायत समिति व स्थानीय शिकायत समिति की स्थापना की जानी जरूरी है। जिला स्तरीय स्थानीय शिकायत समिति का गठन किया जा चुका है। इसके अलावा सभी विभाग अपने कार्यालयों में भी आगामी 23 जनवरी तक आंतरिक शिकायत समिति का गठन कर सी-बॉक्स पोर्टल पर पंजीकरण सुनिश्चित करें तथा इसकी अनुपालना रिपोर्ट उनके कार्यालय व नोडल विभाग महिला एंव बाल विकास विभाग के कार्यालय में प्रस्तुत करें। 

 उपायुक्त शुक्रवार को लघु सचिवालय के मीटिंग रूम में इस अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में आयोजित वर्कशॉप का शुभारंभ करने के बाद सभी विभागों के अधिकारियों को यह निर्देश दे रहे थे। उन्होंने बताया कि कार्यालयों में महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल बनाए रखने के लिए इस अधिनियम की जानकारी होना बहुत जरूरी है। साथ ही जो कमेटी गठित की जा रही हैं, उन सभी की भी भविष्य में वर्कशॉप करवाकर इस अधिनियम के पूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाएं। उन्होंने बताया कि इस अधिनियम का उद्देश्य है कि कार्यस्थल पर महिलाओं को यौन उत्पीड़न से सुरक्षित रखा जाए, उत्पीड़न को रोकने के लिए सक्रिय कदम उठाए जाएं तथा शिकायतों के निपटान के लिए एक स्पष्ट तंत्र प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला के दौरान सभी विभागों को इंटरनल कंप्लेंट कमेटी के गठन व उसके कर्तव्य, एलसीसी के कर्तव्य, सभी गठित कमेटियों की भूमिका, दायित्व एवं कार्यप्रणाली के संबंध में विस्तृत जानकारी दी जाए। साथ ही यह भी बताया जाए कि प्रत्येक विभाग द्वारा इस अधिनियम की सभी विधियों व उपविधियों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाए व विभाग स्तर पर जागरुकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए, ताकि महिला कर्मचारियों को इस अधिनियम के संबंध में पूर्ण जानकारी हो। 

कार्यशाला में अधिवक्ता अरिहंत जैन ने इस अधिनियम के व्यावहारिक व कानूनी पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने शिकायतकर्ता की परिभाषा, शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया, जांच, अपील, दंडात्मक प्रावधानों एवं अधिनियम से संबंधित विभिन्न भ्रांतियों पर प्रकाश डालते हुए उनके समाधान के बारे में विस्तार से बताया। यह प्रशिक्षण कार्यशाला जिले में महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक एवं भयमुक्त कार्यस्थल सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 

इस अवसर पर जिला एफएलएन कोर्डिनेटर डा. कुसुम मलिक, आईटीआई प्रिंसीपल सुधीर कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी विरेंद्र यादव, एलडीएम सागर फलदू, जिला बाल कल्याण अधिकारी अनिल दहिया सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। 

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