धुंध व कोहरे में सुरक्षित यात्रा के लिए एनएचएआई, टोल एजेंसी व जिला प्रशासन प्रयासरत

-सड़क हादसों से बचने के लिए वाहन चालक सड़क की बजाय रेस्ट एरिया में रोकें वाहन
-एनएच 152 डी पर भारी वाहनों के लिए 80 तथा हल्के वाहनों के लिए 100 किलोमीटर प्रति घंटे की गति निर्धारित
-ओवर स्पीड होने पर होगा ऑनलाइन चालान
City24News/सुनील दीक्षित
कनीना | धुंध एवं कोहरे के चलते सड़क हादसों में कमी लाने के लिए एनएचएआई, टोल एजेंसी तथा जिला प्रशासन के अधिकारी लगातार प्रयासरत हैं। नेशनल हाईवे 152 डी सहित महेंद्रगढ़ जिले से गुजर रहे विभिन्न स्टेट हाईवे पर रोड सेफ्टी को लेकर कदम उठाए जा रहे हैं। इस बारे में एनएच 152 डी पर बने टोल प्लाजा पर कार्यरत गावड कंस्ट्रक्शन एवं मेंटेनेंस प्रभारी नीरज कौशिक, एजीएम कुणाल प्रताप, टोल कलेक्शन सुपरवाइजर दिलखुश, ट्रैफिक मैनेजर गौरव पुंडीर, ऑपरेटर रवि दत्त, स्टाफ सुपरवाइजर योगेश कुमार ने बताया कि ठंड व धुंध के मौसम कई बार वाहन चालक सड़क किनारे ही वाहन रोककर लघुशंका के लिए चले जाते हैं। हाईवे पर कई जगह बने अवैध अहातों, होटल व टी-स्टाल को बंद कराने के लिए जिला उपायुक्त व हाइवे अथॉरिटी को अवगत कराया गया है। इन स्टालों के सामने रोड पर अवैध रूप से चालक भारी वाहन रोक देते हैं जिससे सड़क हादसा होने की संभावना बनी रहती है।
उन्होंने बताया कि हादसों पर अंकुश लगाने के लिए वाहन चालक प्रत्येक 30 किलोमीटर के अंतराल पर बनाए गए रेस्ट एरिया में वाहन पार्क कर यात्रा सुखद व सुरक्षित रख सकते हैं।
227 किलोमीटर में बने 16 टोलगेट
एनएचएआई की ओर से नारनौल से गंगहेड़ी तक 227 किलोमीटर के दायरे में कुल 16 टोल प्लाजा स्थापित किए गए हैं। जहां से प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। जाट गुवाना से बुचावास टोल प्लाजा तक हाइमास्ट सहित करीब सैकड़ों लाइटें लगाई गई हैं। जिससे रात्रि के समय मार्ग जगमग रहता है। बिजली की सुचारू सप्लाई के लिए सोलर सिस्टम लगाया गया है।
दुपहिया-तिपहिया सहित पशु रेहडी के जाने पर प्रतिबंध
उन्होंने बताया कि रोड सेफ्टी को लेकर नेशनल हाईवे पर दुपहिया, तिपहिया तथा बैलगाडी-उंट गाडी व तांगा चलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। जगह-जगह स्पीड गवर्नर लगाए गए हैं जो वाहनों की गति पर नियंत्रण रखने के लिए ऑनलाइन चालान में मदद करते हैं। हाइ रेजुलेशन के पीटी, पुट-टू-जूम कैमरे 360 डिग्री पर घूम कर दिन रात पूरे घटनाक्रम को कैद करने में लगे हुए हैं। जिन पर ट्रैफिक मैनेजर व ऑपरेटर लगातार नजर बनाए रखते हैं।
30-35 तेज गति वाहनों के प्रतिदिन होते हैं ऑनलाइन चालान
नीरज कौशिक ने बताया कि एनएच के इन 16 टोलगेट के माध्यम से एक अनुमान के आधार पर करीब 75 लाख रुपये का प्रतिदिन फीस कलेक्शन होता है। जो सीधा एनएचएआई के खाते में जाता है। वहां से 48 घंटे की अवधि में टोल एजेंसी को ट्रांसफर होता है। सीसीटीवी कैमरे से पूरे मार्ग को कंट्रोल किया जा रहा है। स्पीड गवर्नर की मदद से प्रतिदिन 30 से 35 वाहनों के ओवर स्पीड ऑनलाइन चालान जनरेट किए जा रहे हैं। सुरक्षित यात्रा के लिए भारी वाहनों के लिए 80 तथा हल्के वाहनों के लिए गति सीमा 100 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से निर्धारित की गई है। इस बारे में स्पीड गवर्नर से तीन सौ मीटर पहले रोड पर रेड एंड व्हाइट कलर में मार्किंग भी करवाई गई है।
सर्दी व हादसों से बचाव के लिए एहतियाती उपाय जरूरी-डीसी
जिला उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने कहा कि सर्दी के मौसम को देखते हुए कि वाहन चालक व आमजन शीतलहर की स्थिति से बचाव के लिए एहतियाती उपाय करें। सुरक्षित यात्रा करें और प्रयास करें कि कोई भी व्यक्ति, चाहे वह बेघर हो या अन्य, खुले में न सोए। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए टोल-फ्री नंबर 112 पर संपर्क करें। उन्होंने अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं, स्टाफ और हीटिंग सुविधाओं के साथ तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। डीसी ने कहा कि अत्यधिक ठंड के दौरान अनावश्यक बाहर जाने व यात्रा करने से बचें।
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कनीना-नेशनल हाईवे 152डी से गुजरते वाहनों की गतिविधियों को कैद करते पीटी कैमरे व रोड सेफ्टी को लेकर जानकारी देते गावड कंस्ट्रक्शन कंपनी एवं मेंटेनेंस प्रभारी नीरज कौशिक व अन्य।
