भावांतर भरपाई योजना से मधुमक्खी पालकों को बड़ी राहत : उपायुक्त

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-शहद का 120 रुपये प्रति किलोग्राम संरक्षित मूल्य निर्धारित
-मधुमक्खी पालन से बढ़ेगी किसानों की आय और फसल उत्पादकता
City24News/अनिल मोहनिया

नूंह | हरियाणा सरकार ने किसानों की आय को सुरक्षित करने और कृषि से जुड़ी सहायक गतिविधियों को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए भावांतर भरपाई योजना के अंतर्गत शहद के लिए संरक्षित मूल्य तय किया है। उपायुक्त अखिल पिलानी ने बताया कि इस योजना के तहत शहद का संरक्षित मूल्य 120 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है, जिससे मधुमक्खी पालकों को बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव से राहत मिलेगी और उनके उत्पाद का उचित मूल्य सुनिश्चित होगा।

उपायुक्त ने कहा कि मधुमक्खी पालन किसानों के लिए आय का एक सशक्त अतिरिक्त स्रोत बनकर उभरा है। यह न केवल किसानों की आमदनी बढ़ाने में सहायक है, बल्कि परागण के माध्यम से फसलों की उत्पादकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सरकार की यह पहल किसान हितैषी सोच को दर्शाती है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होगी।

उन्होंने जानकारी दी कि योजना के तहत पंजीकरण एवं सत्यापन की प्रक्रिया मधुक्रांति पोर्टल (madhukranti.in) तथा भावांतर भरपाई योजना पोर्टल (शहद) hortharyana.gov.in के माध्यम से की जाएगी। इसके लिए पंजीकरण अवधि 1 जनवरी से 30 जून 2026 तक निर्धारित की गई है। उपायुक्त ने पात्र मधुमक्खी पालकों से समय रहते पंजीकरण कराने का आह्वान किया है, ताकि वे योजना का पूरा लाभ उठा सकें।

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