आधी रात को फायरिंग कर घर में घुसी सीआईए टीम, युवक को जबरन उठाने का आरोप।
City24News/अनिल मोहनिया
नूंह | नूंह जिले के पिनगवां कस्बे की गंडक कॉलोनी में बीती रात करीब 12:30 बजे उस समय हड़कंप मच गया, जब दर्जन भर लोगों ने कॉलोनी में घुसते ही फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलियों की आवाज से पूरे इलाके में दहशत फैल गई और डर के कारण कोई भी घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा सका।
घटना के दौरान कॉलोनी में 2–3 पुलिस गाड़ियों की एंट्री का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने तत्काल 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच की और वापस लौट गई।
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि फायरिंग करने वाले आम लोग नहीं बल्कि सीआईए पुलिस के जवान थे, जो बिना किसी सूचना या नोटिस के मुबारिक नाम के युवक के घर में जबरन घुस आए। आरोप है कि जवानों ने घर की कुंडी और किवाड़ तोड़े, दो राउंड फायरिंग की और फिर घर के अंदर घुसकर तोड़फोड़ शुरू कर दी।
मुबारिक की पत्नी ने बताया कि अचानक हुई फायरिंग से वह और उसके बच्चे बुरी तरह घबरा गए। हमें लगा कि गुंडे या डकैत आ गए हैं। बच्चे डर के मारे कांपने लगे। किसी ने कुछ नहीं बताया और सीधे फायरिंग कर दी।
महिला का आरोप है कि जब जवानों ने उसके पति मुबारिक को पकड़कर जबरन गाड़ी में बैठाना शुरू किया और उसने विरोध करते हुए पूछा कि तुम कौन हो और मेरे पति को कहां ले जा रहे हो तो उसके साथ धक्का-मुक्की की गई, मुंह पर धक्का दिया गया और उसकी ननद को भी धक्का मारकर गिरा दिया गया।
पीड़ित मुबारिक ने बताया कि मौके पर 7 से 8 गाड़ियां आई थीं, जिनमें 15 से 20 जवान सवार थे। मुझे घर से बाहर खींचकर गाड़ी में डाला गया, जहां लात-घूंसे और थप्पड़ों से मारपीट की गई।
मुबारिक ने बताया कि रहीश नाम के व्यक्ति के बारे में पूछताछ की गई और उसका पता बताने का दबाव बनाया गया। उन्होंने कहा कि रहीश को नहीं जानता। उन्होंने कहा सच बता नहीं तो गोली मार देंगे। मैंने कहा चाहे गोली मार दो,लेकिन जो मुझे पता नहीं है,वह मैं कैसे बता दूं।
आरोप है कि कुछ दूरी तक ले जाकर मारपीट करने के बाद उसे सड़क किनारे छोड़ दिया गया और धमकी दी गई कि अगर उसने किसी को इस घटना के बारे में बताया तो उसे जान से मार दिया जाएगा।
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि जवानों ने घर में तोड़फोड़ और लूटपाट की। परिवार के मुताबिक,आरोपियों द्वारा लगभग 1 किलो चांदी,करीब 2 तोला सोना,और 1 लाख नकद ले जाया गया।
मुबारिक का कहना है कि वह टाल की दुकान पर मजदूरी करता है और उसके खिलाफ किसी भी तरह का कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। घटना के बाद सभी मौके से फरार हो गए। पीड़ित परिवार भय और सदमे में है और पूरे मामले की प्रशासन से निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है।
