जिला नूंह के किसानों की बागवानी फसलों का किया गया निरीक्षण
City24News/अनिल मोहनिया
नूंह | जिला नूंह में बागवानी फसलों की खेती को बढ़ावा देने एवं किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से जिला उद्यान अधिकारी डॉ. अब्दुल रजाक द्वारा किसानों की बागवानी फसलों का निरीक्षण किया गया।
उन्होंने बताया कि जिले के किसान बागवानी विभाग नूंह के सहयोग से नई-नई तकनीकों को अपनाकर खेती कर रहे हैं, जिससे उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ पानी की बचत भी हो रही है।
डॉ. अब्दुल रजाक ने बताया कि टीम के साथ ब्लॉक तावडू में किसानों की लगभग 50 एकड़ में लगी बागवानी फसलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ब्लॉक इंचार्ज वाजिद हुसैन, रोहित कुमार एवं योगेश फिल्डमैन उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान किसानों को सर्दी से फसलों को बचाने के लिए लो टनल एवं मल्चिंग तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने बताया कि पॉलीथीन से ढकने से फसलों को सर्दी से होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है। इसके साथ ही किसानों द्वारा टपका सिंचाई प्रणाली अपनाई जा रही है, जिससे पानी की बचत के साथ-साथ फसल उत्पादन में भी वृद्धि हो रही है। विभाग द्वारा सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली अपनाने पर किसानों को अनुदान भी प्रदान किया जा रहा है।
जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि किसानों को अनुदान पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर दिया जा रहा है। जो किसान पहले अपना आवेदन विभागीय कार्यालय में जमा करेगा, उसे प्राथमिकता के आधार पर अनुदान दिया जाएगा। सर्दी के मौसम में मल्चिंग तकनीक से खेती करने से फसलों के खराब होने की संभावना भी कम हो जाती है।
उन्होंने बताया कि किसानों को बागवानी विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है, जिनके अंतर्गत सब्जी उत्पादन पर किसानों को 15,000 रुपये प्रति एकड़ तथा 14.5 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से अनुदान प्रदान किया जा रहा है।
डॉ. अब्दुल रजाक ने किसानों से आह्वान किया कि वे बागवानी फसलों पर अधिक लाभ प्राप्त करने के लिए मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अपना पंजीकरण अवश्य करवाएं तथा आवश्यक दस्तावेजों सहित अपना आवेदन ब्लॉक कार्यालय में जमा करें। आवेदन की स्वीकृति एवं भौतिक सत्यापन उपरांत अनुदान राशि सीधे किसानों के खातों में डीबीटी माध्यम से भेजी जाएगी।
जिला उद्यान अधिकारी ने कहा कि बागवानी फसलें किसानों की आय बढ़ाने का सशक्त माध्यम हैं और जिले के किसान लगातार आधुनिक तकनीकों को अपनाकर बागवानी की ओर अग्रसर हो रहे हैं।
