दुधारू पशुओं के स्वास्थ्य व नस्ल सुधार के लिए जिला प्रशासन की सतत पहल : उपायुक्त अखिल पिलानी
City24News/अनिल मोहनिया
नूंह | जिला नूंह में पशुधन के संरक्षण, स्वास्थ्य सुरक्षा और नस्ल सुधार को लेकर जिला प्रशासन निरंतर कार्य कर रहा है। वर्ष 2025 के दौरान पशुपालन विभाग द्वारा दुधारू पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान व टीकाकरण अभियान सफलतापूर्वक चलाया गया है। जिला उपायुक्त अखिल पिलानी ने बताया कि यह प्रयास पशुपालकों की आय बढ़ाने तथा उच्च नस्लीय पशुओं को प्रोत्साहन देने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में कुल 1,39,182 दुधारू पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान किया गया, जिनमें 1,20,649 भैंसें तथा 18,533 गायें शामिल हैं। इससे पशुधन की गुणवत्ता में सुधार होगा तथा भविष्य में दूध उत्पादन में बढ़ोतरी की संभावना है।
उपायुक्त ने कहा कि दुधारू पशुओं के स्वास्थ्य संरक्षण के लिए कुल 1,64,967 पशुओं को मुहखुर (एफएमडी) के टीके लगाए गए हैं, जिससे पशुओं को संक्रामक रोगों से सुरक्षा मिलती है। उन्होंने पशुपालकों से अपील की कि वे अपने पशुओं के समय-समय पर टीकाकरण और गर्भाधान से जुड़ी सुविधाओं का लाभ अवश्य लें, ताकि पशुधन स्वस्थ, उत्पादक और लाभकारी बना रह सके।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन पशुओं के लिए सभी आवश्यक सेवाएं समय पर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे गांव-गांव जाकर पशुपालकों को योजनाओं व सुविधाओं की पूरी जानकारी दें।
उपायुक्त अखिल पिलानी ने कहा कि पशुपालकों का सहयोग ही इन प्रयासों की सफलता की कुंजी है। प्रशासन और पशुपालक मिलकर जिले को पशुधन विकास के क्षेत्र में अग्रणी बना सकते हैं।
