गीता महोत्सव में सीपीआर प्रशिक्षण एवं स्वैच्छिक रक्तदान को मिली सराहना : अतिरिक्त उपायुक्त प्रदीप सिंह मलिक
City24News/अनिल मोहनिया
नूंह | अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के जिला स्तरीय कार्यक्रम परिसर में जिला उपायुक्त एवं अध्यक्ष, जिला रैडक्रॉस सोसायटी नूंह अखिल पिलानी के निर्देशन तथा सचिव महेश गुप्ता की देखरेख में लगाए गए रैडक्रॉस प्रदर्शनी परिसर में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर एवं सीपीआर तकनीकी प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अतिरिक्त उपायुक्त नूंह प्रदीप सिंह मलिक ने प्रदर्शनी का निरीक्षण किया और स्वैच्छिक रक्तदाताओं को रक्तदाता बैज लगाकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि “रक्तदान से बढ़कर कोई सेवा नहीं है, यह मानवता का सर्वोच्च कर्म है।”
मुख्य अतिथि ने जिला रैडक्रॉस सोसायटी के जिला प्रशिक्षण अधिकारी महेश सिंह मलिक के 48वें रक्तदान तथा जिला लोक संपर्क विभाग नूंह के कर्मी हरपाल डागर के योगदान की सराहना की। उन्होंने बताया कि कुल 14 रक्तदाताओं ने रक्तदान किया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अधिक से अधिक संख्या में आगे आकर रक्तदान करें, क्योंकि रक्तदान से शरीर में किसी प्रकार की कमजोरी नहीं आती।
प्रदर्शनी मंच से जिला रैडक्रॉस सोसायटी के प्रशिक्षण अधिकारी महेश सिंह मलिक ने उपस्थित जनसमूह को सीपीआर (CPR) तकनीक का प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में एफएलएन कोऑर्डिनेटर कुसुम मलिक, डॉ. संजय कुमार (प्रवक्ता) एवं नरेश कुमार (लिपिक) ने सहयोग प्रदान किया।
सीपीआर के महत्व को समझाते हुए बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति की हृदय गति या श्वास रुक जाए तो प्राथमिक उपचारकर्ता को तुरंत सहायता बुलाते हुए लगभग 100–120 बार प्रति मिनट की गति से दो इंच गहराई तक छाती पर दबाव देना चाहिए तथा यह प्रक्रिया तब तक जारी रखनी चाहिए जब तक चिकित्सीय सहायता उपलब्ध न हो जाए।
इस अवसर पर जिला लोक संपर्क अधिकारी सुरेन्द्र बजाड़ एवं रैडक्रॉस सोसायटी के आजीवन सदस्य दिनेश नागपाल ने इस जनहित मुहिम की सराहना की।
मुख्य अतिथि ने कहा कि हर नागरिक—बच्चा, युवा और वयस्क—को सीपीआर जैसी जीवनरक्षक तकनीक अवश्य सीखनी चाहिए, ताकि आकस्मिक परिस्थितियों में किसी जरूरतमंद की जान बचाई जा सके।
कार्यक्रम में लगभग 400 लोगों ने रैडक्रॉस सोसायटी की इस पहल की प्रशंसा की।
