रिजवान को लेकर पंजाब पहुंची पुलिस की टीमें
–अजय अरोड़ा के ठिकानों पर लगातार दबिश, करोड़ों की रिकवरी होने की संभावना
City24News/अनिल मोहनिया
नूंह | नूंह जिले से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आई एस आई के लिए जासूसी और आतंकी फंडिंग के मामले में गिरफ्तार एडवोकेट रिजवान के मामले में पुलिस के जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। रिजवान की निशानदेही पर पुलिस ने पहले उसके साथी एडवोकेट मुशर्रफ उर्फ परवेज निवासी नूंह को उठाया,बाद में पंजाब के जालंधर के शाहकोट थाना क्षेत्र से मलेशियन पट्टी निवासी अजय अरोड़ा को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब रिजवान को लेकर पंजाब पहुंची है और करोड़ों की रिकवरी के लिए अजय अरोड़ा के ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है।
सूत्रों की माने तो रिजवान की गिरफ्तारी के बाद तावडू डीएसपी अभिमन्यु के नेतृत्व में नूंह पुलिस की कई टीमों ने पंजाब में डेरा डाला हुआ है। पुलिस की टीमें रिजवान का नेटवर्क खंगालने के साथ ही पंजाब से पकड़े गए मिठाई व्यापारी अजय अरोड़ा के संपर्क में रहने वाले लोगों से भी पूछताछ कर रही है। अजय अरोड़ा वहीं वहीं व्यक्ति है जो हवाला के जरिए रिजवान को पैसे पहुंचाने और लेन-देन में सहयोग करता था। पंजाब से नूंह पुलिस को कई अहम सबूत हाथ लग सकते है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक युवा एडवोकेट रिजवान के पंजाब नेशनल बैंक खाते में करोड़ों रुपये की हवाला राशि पाकिस्तानी हैंडलरों से आई थी, जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से पंजाब में देशविरोधी गतिविधियों और आतंकी नेटवर्क को मजबूत करने में होना था। यह जानकारी भी सामने आई है कि एडवोकेट रिजवान ने करीब 30-35 लाख रुपये साथी अजय अरोड़ा को दिए थे। इसके बाद उस रकम को अजय अरोड़ा ने एक व्यवसायी को दे दिया, जो फिलहाल विदेश में बताया जा रहा है।
सरकारी अधिवक्ता विजय सहरावत ने बताया कि बुधवार की रात करीब ढाई बजे दोनों आरोपियों को सीजेएम छवि गोयल की अदालत में पेश किया गया था। मामले की जांच कर रहे डीएसपी तावडू अभिमन्यु ने दोनों का 10 दिन का रिमांड मांगा था। सीजेएम को डीएसपी तावडू की तरफ से बताया गया था कि दोनों के कनेक्शन पाकिस्तान से है। अजय अरोड़ा से करीब 30 से 35 लाख रूपये की रिकवरी करनी है। जिसके लिए पंजाब के कई चक्कर काटने पड़ सकते है। इसके आधार पर कोर्ट ने दोनों का 8 दिन का रिमांड मंजूर किया है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक अजय अरोड़ा ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि जो पैसे रिजवान से लिए गए थे, वह पैसे जालंधर में किसी जानने वाले के पास रखे हुए हैं। जहां से पुलिस को न केवल वह पैसे रिकवर करने है, बल्कि इस मामले में अन्य संलिप्त लोगों को भी गिरफ्तार करना।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी रिजवान कई बार पंजाब भी गया है। हाल ही में वह जुलाई के महीने में भी पंजाब गया था। उसने मुस्लिम समुदाय से होते भी अमृतसर के गोल्डन टेंपल पर पूरे मन से तस्वीर भी ली है। एडवोकेट रिजवान ने इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर साझा किया है।
कैसे हुई रिजवान की गिरफ्तारी
इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के पास एडवोकेट रिजवान के पाकिस्तान के लिए जासूसी करने इनपुट मिला। जिसके बाद IB ने NIA को मामले की जानकारी दी। 24 नवंबर शाम करीब 6 बजे ससुराल से घर जा रहे रिजवान को NIA और नूंह पुलिस की संयुक्त टीम ने हिरासत में ले लिया। पूरी रात रिजवान से गहनता से पूछताछ हुई। उसके लैपटॉप और फोन से कई संदिग्ध चैट, दस्तावेज और संपर्क मिले हैं। उसी दिन रिजवान से पूछताछ के बाद अजय अरोड़ा को भी हिरासत में लिया गया। पूछताछ के बाद जब यह साफ हो गया कि दोनों पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के नेटवर्क से जुड़े हुए है तो दोनों के खिलाफ 25 नवंबर को तावडू सदर थाना FIR नंबर 259 दर्ज हुई । जिसमें एडवोकेट रिजवान और अजय अरोड़ा को नामजद किया गया। आरोपियों पर धारा 113,3 BNS एक्ट,17 UAPA लगाई गई।
