‘मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता’ योजना अब सेवा का अधिकार अधिनियम में शामिल – उपायुक्त अखिल पिलानी

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City24News/अनिल मोहनिया
नूंह | हरियाणा सरकार ने महिला एवं बाल विकास विभाग की ‘मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता’ योजना को अब सेवा का अधिकार अधिनियम में शामिल कर दिया है और इसके तहत मिलने वाले लाभों के लिए 45 दिन की समय-सीमा निर्धारित की है।

 उपायुक्त अखिल पिलानी ने बताया कि इस योजना के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी को पदनामित अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी (पोषण)/उप निदेशक को प्रथम शिकायत निवारण प्राधिकारी तथा संयुक्त निदेशक/अतिरिक्त निदेशक को द्वितीय शिकायत निवारण प्राधिकारी नामित किया गया है। उन्होंने बताया कि गर्भावस्था के दौरान मजदूरी से होने वाले नुकसान की भरपाई तथा स्तनपान कराने वाली महिलाओं के पोषण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह योजना चलाई गई है। इसके तहत दूसरे बच्चे के रूप में लड़के को जन्म देने वाली अनुसूचित जाति और जनजाति की महिलाएं लाभ ले सकती हैं। अब 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग महिलाएं, मनरेगा जॉब कार्ड, ई-श्रम कार्ड, बीपीएल राशन कार्ड, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और किसान सम्मान निधि की लाभार्थी महिलाएं भी इस योजना की पात्रता में शामिल कर दी गई हैं। योजना के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है और आवेदन आंगनबाड़ी वर्कर या आशा वर्कर के माध्यम से किया जा सकेगा। उपायुक्त ने बताया कि केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में मिलने वाली 5,000 रुपये की सहायता राशि को अब तीन किस्तों की बजाय दो किस्तों में देने का निर्णय लिया गया है।

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