गुरुग्राम में आज पांच स्थानों पर मॉक ड्रिल

“एक्सरसाइज़ सुरक्षा चक्र” के तहत भूकंप और रासायनिक रिसाव पर आधारित पूर्वाभ्यास
समाचार गेट/आकाश दीप
गुरुग्राम। आपदा की स्थिति में सुरक्षा चक्र को मजबूत करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से डीसी अजय कुमार के मार्गदर्शन में पांच स्थानों पर एक अगस्त को सुबह 9 से 12 बजे तक “एक्सरसाइज़ सुरक्षा चक्र” के तहत मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। इसमें एनडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य, आईटीबीपी, फायर ब्रिगेड, आपदा मित्र सहित सभी विभागों की टीमें भाग लेंगी।
इस संबंध में आज एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता सीटीएम सपना यादव ने की। बैठक में सीटीएम सपना यादव ने बताया कि इस बार मॉक ड्रिल की थीम भूकंप और रसायन रिसाव रखी गई है। चार स्थानों पर भूकंप से निपटने का अभ्यास किया जाएगा, जबकि एक स्थान पर केमिकल रिसाव की स्थिति को दर्शाया जाएगा। यह अभ्यास न केवल विभागीय तालमेल बढ़ाने के लिए है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगा कि किसी आपदा के समय सभी एजेंसियां समय पर और प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया दे सकें।
उन्होंने बताया कि ड्रिल के लिए ताऊ देवी लाल स्टेडियम को स्टेजिंग एरिया के रूप में चिन्हित किया गया है। यहां सभी संसाधन, वाहन और टीमें पहले से तैनात रहेंगी और किसी भी आपात सूचना पर यहीं से प्रभावित स्थलों के लिए रवाना की जाएंगी। स्टेडियम के पास ही एक अस्थायी कंट्रोल सेंटर बनाया जाएगा, जहां से पूरे अभ्यास की निगरानी की जाएगी।
सीटीएम ने बताया कि मॉक ड्रिल के लिए जिन पांच स्थलों का चयन किया गया है, उनमें सेक्टर -36 स्थित गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, विकास सदन में स्थित एडीसी कार्यालय, सेक्टर-31 का पॉलीक्लिनिक, भोंडसी स्थित इंडियन ऑयल का एलपीजी बॉटलिंग प्लांट और सेक्टर-31 में स्थित स्टार मॉल शामिल हैं।
इस बार की मॉक ड्रिल की खास बात यह है कि इसमें पारंपरिक संचार माध्यमों जैसे मोबाइल या लैंडलाइन फोन का उपयोग नहीं किया जाएगा। संचार केवल सैटेलाइट फोन के माध्यम से किया जाएगा, जिससे वास्तविक आपात स्थिति में नेटवर्क बाधाओं से बचा जा सके।
मॉक ड्रिल के पश्चात सभी पांच स्थानों से प्राप्त रिपोर्ट केंद्रीय आपदा प्रबंधन विभाग को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भेजी जाएगी। यह रिपोर्ट पांचों साइटों पर नियुक्त किए गए पर्यवेक्षक देंगे। पूर्व सेना अधिकारियों को मॉक ड्रिल का ऑब्जर्वर लगाया जाएगा।
बैठक में गुरुग्राम के एसडीएम परमजीत चहल, मानेसर के एसडीएम दर्शन यादव, सोहना के एसडीएम अखिलेश, जिला राजस्व अधिकारी विजय यादव, डिप्टी कंट्रोलर सृष्टि (सिविल डिफेंस), चीफ वार्डन मोहित शर्मा, जिला आपदा प्रबंधन से प्रोजेक्ट ऑफिसर पूनम सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।